अम्बिकापुर। सरगुजा संभाग में नशे के काले कारोबार के खिलाफ आबकारी उड़नदस्ता टीम की ‘ऑपरेशन क्लीन’ मुहिम रंग ला रही है। विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र के नशीली दवाओं के सौदागरों में हड़कंप मच गया है। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता की टीम ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर नशीले इंजेक्शन के मुख्य थोक आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) राजेश मंदिलवार उर्फ बुटन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह बड़ी कामयाबी कल गिरफ्तार हुई फुटकर विक्रेता आशा पाण्डेय के कबूलनामे के आधार पर मिली है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीते कल (12 जुलाई 2026) ब्रह्मपारा निवासी आशा पांडेय को 19 नग रेक्सोजेसिक (REXOGESIC) और 9 नग एविल (AVIL) नशीले इंजेक्शन के साथ रंगे हाथों पकड़कर जेल भेजा गया था। कड़ी पूछताछ के दौरान आशा पांडेय ने खुलासा किया कि वह यह खेप अपने ही पड़ोस में रहने वाले राजेश मंदिलवार उर्फ बुटन से खरीद कर लाती थी। इस पुख्ता इनपुट के आधार पर आबकारी टीम ने दबिश देकर ब्रह्मपारा निवासी राजेश मंदिलवार को कल शाम को ही दबोच लिया। आरोपी से सघन पूछताछ के बाद आज (13 जुलाई 2026) उसे न्यायालय में पेश कर जेल दाखिल कर दिया गया है।
अधिकारी रंजीत गुप्ता ने क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि ब्रह्मपारा इलाका पूर्व में ‘ब्राउन शुगर’ की तस्करी के लिए कुख्यात था। हालांकि, कानून के बढ़ते शिकंजे के कारण अब वहां के तस्करों ने नशीले इंजेक्शन का अवैध कारोबार शुरू कर दिया था। इस पूरे नेक्सस में आशा पांडेय और बुटन का नाम सबसे ऊपर था। ये दोनों पिछले एक-दो साल से सक्रिय थे, जिसमें आशा पांडेय फुटकर में दवाएं बेचती थी, जबकि राजेश मंदिलवार उर्फ बुटन इस रैकेट का थोक विक्रेता था। बुटन बेहद शातिराना अंदाज में काम करता था, जिससे वह लंबे समय से आबकारी की गिरफ्त से बच रहा था, लेकिन टीम की मुस्तैदी के आगे उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई।
आबकारी अधिकारी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि नशीली दवाओं और अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति जारी रहेगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में आबकारी उपनिरीक्षक टी.आर. केहरी, सहायक उपनिरीक्षक रमेश दुबे, नगर सैनिक गणेश पाण्डेय, रणविजय सिंह, रोहित सोनवानी और महिला सैनिक राजकुमारी एवं चंद्रावती ने अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका निभाई।
