दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का पद्मनाभपुर इलाका रविवार की रात खून से लाल हो गया। यहां के कुंदरापारा में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक बेखौफ भीड़ ने हिस्ट्रीशीटर लेखराम कोठारी को घेरकर मौत के घाट उतार दिया। हमलावरों ने लेखराम पर इस कदर बेरहमी से हमला किया कि उसकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर जान चली गई। वारदात के बाद से ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और हमलावर मौके से फरार हैं।
इस खूनी वारदात के पीछे की पृष्ठभूमि भी बेहद चौंकाने वाली है। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हिस्ट्रीशीटर लेखराम कोठारी को अभी हाल ही में धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सलाखों के पीछे से रिहा होकर वह रविवार को ही वापस लौटा था, लेकिन उसे अंदाजा भी नहीं था कि जेल से बाहर आते ही मौत उसका इंतजार कर रही है। रविवार की देर रात घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने उस पर धावा बोल दिया और पीट-पीटकर उसे अधमरा करने के बाद मौत की नींद सुला दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पद्मनाभपुर थाना पुलिस और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या की इस खौफनाक वारदात की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस स्थानीय लोगों और चश्मदीदों से पूछताछ कर रही है, साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
