बस्तर। देश के सबसे चौड़े और खूबसूरत जलप्रपातों में शुमार बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात मानसून की दस्तक के साथ ही एक बार फिर अपने चिर-परिचित और विहंगम स्वरूप में लौटने लगा है। बीते दो-तीन महीनों की भीषण गर्मी के कारण जो चित्रकोट लगभग सूखने की कगार पर पहुंच गया था, वह अब मानसूनी बारिश की बूंदों से पुनर्जीवित हो उठा है। हाल ही में सामने आई इस मानसून सीजन की पहली ड्रोन तस्वीरों ने सोशल मीडिया से लेकर पर्यटकों के दिलों तक में हलचल पैदा कर दी है, जिसमें जलप्रपात से दूध जैसी सफेद चार बड़ी मुख्य धाराएं पूरी रफ्तार से नीचे गिरती साफ दिखाई दे रही हैं।
इस अद्भुत बदलाव के पीछे बस्तर संभाग में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार और झमाझम बारिश है। इस मानसूनी वर्षा के कारण बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिसका सीधा और बेहद खूबसूरत असर चित्रकोट जलप्रपात पर देखने को मिल रहा है। नदी में पानी की आवक बढ़ने के साथ ही जलप्रपात की धाराएं न सिर्फ चौड़ी हो गई हैं, बल्कि उनका वेग भी पहले से कहीं अधिक तेज हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि क्षेत्र में बारिश का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले कुछ ही दिनों में चित्रकोट अपने सबसे भव्य और रौद्र रूप में नजर आएगा, जिसे देखना किसी रोमांच से कम नहीं होता।
मानसून के शुरू होते ही चित्रकोट की खोई हुई रौनक पूरी तरह वापस आ गई है। चारों ओर फैली हरी-भरी वादियों और ऊंचाइयों से गिरती जलधाराओं के इस बेजोड़ संगम को अपनी आंखों में कैद करने के लिए अब दूर-दूर से सैलानियों का तांता लगने लगा है। प्रकृति के इस बदलते और मनमोहक नजारे ने न केवल पर्यटकों को आकर्षित किया है, बल्कि पिछले कुछ महीनों से मंदी की मार झेल रहे स्थानीय पर्यटन कारोबारियों, गाइडों और दुकानदारों के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेर दी है। उन्हें उम्मीद है कि पर्यटकों की यह बढ़ती आमद इस सीजन में उनके व्यवसाय को एक नई रफ्तार देगी।
