फटाफट डेस्क। वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव अब एक पूर्ण युद्ध का रूप लेता जा रहा है। अमेरिका द्वारा लगातार दूसरी रात ईरान पर किए गए भीषण हवाई हमलों ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है, जिसमें अब तक भारी तबाही और कम से कम एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने सीधे युद्ध की चुनौती देते हुए वाशिंगटन के सहयोगी खाड़ी देशों पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान के इस पलटवार के बाद कतर, बहरीन और कुवैत में घंटों तक हवाई हमले के सायरन गूंजते रहे, जिससे पूरे गल्फ इलाके में युद्ध का खौफ पैदा हो गया है। यह भीषण सैन्य टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के एकीकृत सैन्य हमले में मारे गए खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों का आज आखिरी दिन है, और उनके पार्थिव शरीर को आज उनके गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है, जिसके बाद ईरान में 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महायुद्ध का केंद्र बिंदु रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ बना हुआ है। अमेरिकी वायुसेना ने रातभर ईरानी शहर बुशहर, चाबहार, बंदर अब्बास, सिरिक, जास्क और अबू मूसा द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों पर शक्तिशाली बमबारी की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की पुष्टि करते हुए साफ किया है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों का करारा जवाब है। दूसरी ओर, तेहरान ने इस हमले में तबाही का फुटेज जारी कर दुनिया को अमेरिका का क्रूर चेहरा दिखाने की कोशिश की है। इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला में लाखों की भीड़ के अंतिम विलाप के बाद, अब खामेनेई का ताबूत मशहद पहुँच चुका है, जहाँ पूरी दुनिया की नजरें इस अंतिम संस्कार पर टिकी हैं।
ईरानी मिसाइलों के रुख ने खाड़ी देशों में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है। कतर में सरकार ने नागरिकों को घरों के भीतर रहने, कांच की खिड़कियों से दूर रहने और अगला आदेश आने तक बाहर न निकलने की सख्त हिदायत जारी की, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होने का संदेश दिया गया। वहीं कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनकी वायुसेना ने कुछ ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है, जिसके बाद पूरे देश को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी नागरिकों को सुरक्षा सावधानी बरतने के संदेश भेजे हैं। ईरान ने इन हमलों को जायज ठहराते हुए कहा है कि वह अपनी धरती पर होने वाले हमलों के स्रोतों को निशाना बना रहा है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए लिखा कि ईरानियों को अमेरिका से डरना नहीं सिखाया गया है, वाशिंगटन अब तेहरान के एक जोरदार तमाचे का इंतजार करे।
इस बीच, वाशिंगटन से आ रहे बयानों ने साफ कर दिया है कि अमेरिका पीछे हटने के मूड में नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए बेहद आक्रामक रुख अपनाया और कहा कि अगर ईरान ने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं, तो अमेरिकी सेना इससे 20 गुना ज्यादा जोरदार हमला करेगी; ईरान की तबाही के दिन अब आ चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्हाइट हाउस के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सुर में सुर मिलाते हुए अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिल्वौकी में कहा कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों का खुला उल्लंघन किया है, जिसकी कीमत उसे चुकानी ही होगी और अमेरिका की सैन्य जवाबी कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान घुटनों पर नहीं आ जाता।
