अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर शहर में संचालित एक निजी अस्पताल ‘लक्ष्मी नारायण अस्पताल’ प्रबंधन पर एक मरीज के परिजनों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। शिकायत के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर परिजनों से भारी-भरकम नगद राशि भी वसूल ली और उनके आयुष्मान कार्ड से भी कथित रूप से लाखों रुपये का ट्रांजैक्शन कर लिया। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर अम्बिकापुर पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दर्ज मामले के अनुसार, बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर तहसील अंतर्गत ग्राम गिरवानी निवासी विवेक जायसवाल (22 वर्ष) ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने बड़े पिताजी राजेंद्र प्रसाद जायसवाल को पेट में दर्द की शिकायत होने पर बीते 17 अप्रैल 2026 को लक्ष्मी नारायण अस्पताल में भर्ती कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डॉक्टरों ने जांच के बाद मरीज के दिल की नसों में ब्लॉकेज होने की बात कही और एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया के तहत तीन स्टेंट लगाने की सलाह दी। परिजनों के मुताबिक, प्रबंधन ने पहले इस इलाज का खर्च आयुष्मान कार्ड से वहन होने की बात कही, लेकिन कुछ समय बाद तकनीकी कारणों से कार्ड ब्लॉक होने का हवाला देते हुए उनसे नगद भुगतान की मांग की। मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए डरे हुए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के दावे पर भरोसा किया और दवाइयों सहित कुल 1 लाख 60 हजार रुपये नगद (कैश) काउंटर पर जमा कर दिए, जिसकी कोई रसीद या बिल उन्हें नहीं दिया गया।
धोखाधड़ी की आशंका तब पैदा हुई, जब मरीज के डिस्चार्ज होने के बाद परिजनों ने अपने आयुष्मान कार्ड के ट्रांजैक्शन का विवरण चेक किया। विवेक जायसवाल का आरोप है कि आयुष्मान पोर्टल की जांच करने पर पता चला कि अस्पताल प्रबंधन ने उनके कार्ड से भी 1 लाख 50 हजार 460 रुपये की राशि का कथित भुगतान प्राप्त कर लिया है। इसके साथ ही पीड़ित ने शिकायत में यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि डॉक्टरों ने तीन स्टेंट लगाने के नाम पर पैसे लिए थे, जबकि मरीज को वास्तव में केवल दो ही स्टेंट लगाए गए और तीसरा स्टेंट लगाया जाना अभी बाकी है। बार-बार पूछताछ और बिल की मांग करने पर भी जब अस्पताल प्रबंधन द्वारा कथित रूप से टालमटोल किया गया, तब पीड़ित परिवार ने थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस ने पीड़ित के आवेदन पत्र के आधार पर प्राथमिक साक्ष्यों को देखते हुए लक्ष्मी नारायण अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है और मामले की विस्तृत वैधानिक जांच की जा रही है।
