बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां जंगल से लाए गए जहरीले मशरूम का सेवन करने से एक ही परिवार के आठ लोग गंभीर रूप से फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए हैं। इस दर्दनाक हादसे की चपेट में तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम स्याही में रहने वाले इस परिवार के सभी सदस्यों को पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद आनन-फानन में सिविल अस्पताल वाड्रफनगर में भर्ती कराया गया, जहां उनका आपातकालीन उपचार शुरू किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मरीजों का इलाज कर रहे ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. हेमंत दीक्षित ने बताया कि यह घटना सोमवार, 6 जुलाई की है। परिवार के सदस्यों ने दोपहर के भोजन में जंगल से चुनकर लाए गए मशरूम (स्थानीय भाषा में पुटु या खुखड़ी) की सब्जी बनाई थी। इसे खाने के कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और वे चक्कर खाकर गिरने लगे। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद भी पांच मरीजों की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है, जबकि तीन मरीजों की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर वनांचलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाले मशरूमों के खतरों को उजागर कर दिया है। बरसात के मौसम में छत्तीसगढ़ के जंगलों में बड़े पैमाने पर खुखड़ी और पुटु प्राकृतिक रूप से उगते हैं, जिनमें से कई प्रजातियां बेहद जहरीली होती हैं। बीएमओ डॉ. दीक्षित ने ग्रामीणों से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे सही पहचान के बिना किसी भी अज्ञात प्रजाति के मशरूम का सेवन बिल्कुल न करें। उन्होंने सचेत किया कि जहरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कर पाना बेहद मुश्किल होता है, इसलिए केवल पुरानी धारणाओं या बाहरी रंग-रूप के आधार पर इन्हें सुरक्षित मानने की भूल न करें, क्योंकि यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
