अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने सरगुजा जिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कई प्रमुख अंग्रेजी शराब दुकानों पर औचक छापा मारा है। इस छापामार कार्रवाई के दौरान लखनपुर, गाढ़ाघाट और अम्बिकापुर के गांधी चौक स्थित प्रीमियम शॉप में तय कीमत से अधिक (ओवर रेट) पर शराब बेचने का गंभीर मामला रंगे हाथों पकड़ा गया। इस प्रशासनिक लापरवाही और संलिप्तता के आरोप में आबकारी उपनिरीक्षक अनिल गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि कुछ प्लेसमेंट कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
हालांकि, इस कार्रवाई के बाद स्थानीय गलियारों में यह चर्चा तेज है कि शराब दुकानों के सुपरवाइजरों को जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड़ ने कथित तौर पर बचा लिया है। राज्य स्तरीय टीम की इस दबिश के बाद से जिला आबकारी अधिकारी की कार्यशैली और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उड़नदस्ता टीम की इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर चल रहे बड़े खेल का भंडाफोड़ हुआ है। टीम ने सबसे पहले गाढ़ाघाट स्थित अंग्रेजी शराब दुकान पर दबिश दी, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर ग्राहकों से वसूली की जा रही थी। इसके बाद अम्बिकापुर के गांधी चौक स्थित प्रीमियम शॉप पर भी ओवर रेटिंग की शिकायत सच पाई गई। लेकिन यहाँ कार्रवाई के नाम पर महज एक छोटे कर्मचारी को हटाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई, जिसने विभाग की साख पर और सवाल उठा दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरगुजा जिले की लगभग सभी शराब दुकानों में या तो मिलावटी शराब बेची जा रही है या फिर ओवर रेटिंग का खेल धड़ल्ले से जारी है। यह माना जा रहा है कि जिला आबकारी विभाग के मौन संरक्षण के बिना यह अवैध खेल संभव नहीं है। यही कारण है कि स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई न होने के चलते अंततः राज्य उड़नदस्ता टीम को खुद कमान संभालनी पड़ी।
