नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर सरगर्मी तेज हो गई है। रविवार, 21 जून को आयोजित हुई इस पुनर्परीक्षा में देशभर के 20 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा समाप्त होते ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें दावा किया गया कि नीट-यूजी का पेपर एक बार फिर लीक हो गया है। इस दावे ने परीक्षा दे चुके लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच हड़कंप मचा दिया। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए इस वायरल वीडियो को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर मोहम्मद नौमान नाम के एक यूजर ने एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो को पोस्ट करते हुए यूजर ने इंटरनेट पर उपलब्ध इस सामग्री की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए और जांच की मांग की। यूजर ने लिखा कि टेलीग्राम पर लगे हालिया प्रतिबंधों के बीच इस तरह के वीडियो कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी मांगी ताकि यह साफ हो सके कि क्या वाकई परीक्षा में कोई गड़बड़ी हुई है या फिर यह सिर्फ एक एहतियाती अफवाह है। इस पोस्ट के बाद से ही पेपर लीक की अफवाहें तेजी से फैलने लगीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनटीए ने ‘एक्स’ पर एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। एजेंसी ने कड़े शब्दों में कहा कि रविवार को हुई परीक्षा बेहद कड़ी सुरक्षा और व्यापक निगरानी व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई है। सोशल मीडिया पर नीट-यूजी 2026 को लेकर जो वीडियो फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह से मनगढ़ंत है और उसमें किए गए दावे निराधार हैं। एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें।
इसके साथ ही परीक्षा एजेंसी ने भ्रामक खबरें फैलाने वालों को सख्त चेतावनी भी दी है। एनटीए का कहना है कि छात्रों को गुमराह करने या उनमें बेवजह डर का माहौल पैदा करने के लिए ऐसी झूठी जानकारियां तैयार करना और उन्हें जानबूझकर प्रसारित करना एक गंभीर अपराध है। एजेंसी ने साफ किया कि वह इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है। साइबर अपराधों से निपटने वाले विंग ‘आई4सी’ (I4C) और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद से इस फर्जी वीडियो को इंटरनेट पर डालने और फैलाने वाले जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले पेपर लीक होने के विवाद के कारण ही इस परीक्षा को रद्द करना पड़ा था, जिसके बाद रविवार को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। चौतरफा आलोचना झेल रही एजेंसी के लिए यह परीक्षा एक बड़ी चुनौती थी। परीक्षा के सफल आयोजन के बाद एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि एक ‘समग्र-सरकारी’ (Whole-of-Government) दृष्टिकोण की वजह से ही इतने बड़े कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जा सका है।
