बेंगलुरु। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी 2026’ (NEET UG 2026) की री-परीक्षा रविवार को देश भर में संपन्न हो गई। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच दोपहर 2:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चली इस परीक्षा के दौरान बेंगलुरु के एक परीक्षा केंद्र से बेहद भावुक और परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई। यहां के आरसी गवर्नमेंट कॉलेज केंद्र पर ठीक 1 बजकर 30 मिनट पर परीक्षा केंद्र का मुख्य गेट बंद कर दिया गया, जिसके महज दो मिनट बाद तीन छात्राएं हांफती हुई वहां पहुंचीं, लेकिन नियमों की कड़वाहट के कारण उनके लिए दरवाजे नहीं खुले।
नियमों के मुताबिक, दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर लाउडस्पीकर से आखिरी मुनादी की गई कि यह अंतिम मिनट है और ठीक 1:30 बजे गेट लॉक कर दिया जाएगा। इसके ठीक दो मिनट बाद, यानी 1 बजकर 32 मिनट पर जब तीन छात्राएं केंद्र पर पहुंचीं, तो वहां ताला लटक चुका था। गेट बंद देखकर छात्राओं और उनके साथ आए अभिभावकों के हाथ-पांव फूल गए। सालभर की मेहनत और करियर दांव पर होने के डर से घबराईं तीनों लड़कियों ने हिम्मत दिखाकर मुख्य गेट की ऊंची रेलिंग को लांघा और अंदर कूद गईं। हालांकि, परिसर के भीतर दाखिल होने के बाद भी परीक्षा हॉल का मुख्य द्वार बंद होने के कारण उन्हें निराशा ही हाथ लगी और उन्हें एंट्री नहीं मिल सकी।
गेट के बाहर खड़े बेबस माता-पिता ने रोते हुए बताया कि वे घर से समय पर निकले थे, लेकिन शहर में आयोजित कांग्रेस की रैली के कारण लगे भारी ट्रैफिक जाम में फंस गए। जाम से जूझते हुए वे किसी तरह केंद्र तक पहुंचे, लेकिन तब तक महज 2 मिनट की देरी हो चुकी थी। अभिभावकों ने मिन्नतें भी कीं, लेकिन सुरक्षा और नियमों का हवाला देकर छात्राओं को भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा के पेपर लीक और धांधली की घटनाओं के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने पिछली गलतियों से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। देश भर के 22 लाख से अधिक छात्रों के टूटे भरोसे को दोबारा जीतने के लिए इस बार प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई, जिनसे संवेदनशील इलाकों तक पेपर पहुंचाए गए। इस बार छात्रों की सहूलियत के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया था, लेकिन बेंगलुरु की इन तीन छात्राओं के लिए महज 120 सेकंड की देरी पूरे साल पर भारी पड़ गई।
