कोरबा। छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी जिला कोरबा में बीते घंटों के भीतर हुए दो अलग-अलग दर्दनाक सड़क हादसों ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। पहली घटना मानिकपुर चौकी क्षेत्र की है, जहां रफ्तार के कहर ने एक युवक की जान ले ली, वहीं दूसरी घटना एसईसीएल कुसमुंडा खदान क्षेत्र में घटी, जहां महज एक लापरवाही के कारण एक ट्रेलर चालक को अपनी जान गंवानी पड़ी। इन दोनों ही मामलों में स्थानीय पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है।
शहर के मानिकपुर चौकी क्षेत्र में शुक्रवार की रात करीब 10 बजे उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब टीपी नगर से बुधवारी की ओर ठेला लेकर जा रहे कृष्ण कुमार के वाहन से एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल जोरदार तरीके से टकरा गई। बाइक सवार की गति इतनी तेज थी कि टक्कर लगते ही वह सड़क पर दूर जा गिरा। मृतक की पहचान बालको क्षेत्र के निवासी सुनील गुप्ता (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो नगर निगम में ठेका कर्मी के पद पर कार्यरत था। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण सुनील ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस फौरन मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल रवाना किया।
इस हादसे के कुछ ही देर बाद, दूसरी रूह कपां देने वाली घटना एसईसीएल कुसमुंडा खदान के बेरियर नंबर तीन के पास सामने आई। बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना अंतर्गत ग्राम सीस का रहने वाला ट्रेलर चालक नरेश कुमार केंवट (43 वर्ष) बीते 18 जून की रात रायपुर से गाड़ी लेकर कुसमुंडा पहुंचा था। वह खदान में कोयला लोडिंग के लिए कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान वह सड़क किनारे अपनी ही गाड़ी के पीछे बैठकर तसल्ली से भोजन कर रहा था।
तभी कोयला लोड करने की जल्दबाजी और आपाधापी के चक्कर में एक अन्य ट्रेलर चालक ने बिना पीछे देखे अपने भारी वाहन को आगे बढ़ा दिया। नरेश इस भारी-भरकम गाड़ी की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से कुचल गया। वहां मौजूद अन्य चालकों और कर्मियों ने आनन-फानन में लहूलुहान हालत में नरेश को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अब दोनों हादसों के कारणों की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।
