नई दिल्ली। सोने की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू सर्राफा बाजार के लिए एक बेहद शानदार खबर सामने आई है। आने वाले वर्षों में आंध्र प्रदेश देश के सबसे बड़े गोल्ड प्रोड्यूसर (सोना उत्पादक) राज्य के रूप में उभर सकता है। राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, कर्नूल जिले और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सोने का एक विशाल भंडार मिला है, जिससे देश के भीतर ही सोने के उत्पादन में अभूतपूर्व तेजी आने की उम्मीद है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में मौजूद इस नए भंडार और आगामी माइनिंग प्रोजेक्ट्स से न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि विदेशों से होने वाले सोने के महंगे आयात पर भारत की निर्भरता भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
इस पूरी कवायद में कर्नूल जिले की ‘जोन्नागिरी गोल्ड परियोजना’ सबसे अहम भूमिका निभाने जा रही है। इसे देश की आजादी के बाद शुरू होने वाली पहली बड़े स्तर की निजी स्वर्ण खदान (प्राइवेट गोल्ड माइन) परियोजना के तौर पर देखा जा रहा है। लगभग 400 करोड़ रुपये से अधिक के भारी-भरकम निवेश के साथ तैयार हुई इस परियोजना से हर साल रिकॉर्ड मात्रा में सोने का उत्पादन किया जाएगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जोन्नागिरी गांव की जमीन के भीतर करीब 50 टन सोने का भंडार मौजूद है, जहां अब व्यावसायिक (कमर्शियल) स्तर पर उत्पादन भी शुरू किया जा चुका है। गौरतलब है कि इस गांव में माइनिंग के लिए लगभग एक दशक पहले ही 1,500 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। संभावनाओं का दायरा यहीं खत्म नहीं होता; सरकार ने रामगिरी, जाव्वकुला और चिगुरुकुंटा बिस्त्रातम सहित चार अन्य ऐसे संभावित स्थानों की भी पहचान की है, जहां भविष्य में सोने की नई खदानें विकसित की जा सकती हैं।
वर्तमान परिदृश्य की बात करें तो भारत में सोने के उत्पादन के मामले में कर्नाटक राज्य हमेशा से सूची में सबसे ऊपर रहा है। लेकिन आंध्र प्रदेश की यह नई खोज देश के नक्शे पर सोने के उत्पादन की पूरी तस्वीर को बदलने की क्षमता रखती है। जानकारों का मानना है कि भारत हर साल अपनी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए विदेशों से भारी मात्रा में सोना इम्पोर्ट करता है, जिससे देश के खजाने पर विदेशी मुद्रा का भारी दबाव बनता है। ऐसे में अगर देश के भीतर ही 50 टन का यह विशाल भंडार मुख्यधारा में आता है, तो विदेशी मुद्रा की बचत होगी और देश की आर्थिक शक्ति को एक नई मजबूती मिलेगी। आंध्र प्रदेश सरकार का भी यही मानना है कि राज्य खनिज संसाधनों के मामले में बेहद समृद्ध है और सोने के क्षेत्र में हुई इन नई खोजों ने सुनहरे भविष्य की संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। यदि ये प्रस्तावित खदानें पूरी क्षमता के साथ काम करने लगती हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब आंध्र प्रदेश देश में सोने के उत्पादन का नया और सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
