रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट के उत्तर जोन ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए गांजा तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार, 17 जून को शहर के तीन अलग-अलग इलाकों में योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर चार शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में से दो अंतरराज्यीय तस्कर हैं, जो उत्तर प्रदेश से आकर छत्तीसगढ़ में पैर पसारने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से कुल 13 किलो 451 ग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 6 लाख 72 हजार 550 रुपये आंकी गई है। चारों आरोपियों के खिलाफ गुढ़ियारी, पंडरी और उरला थानों में नारकोटिक्स एक्ट (NDPS) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
उत्तर जोन के डीसीपी मयंक गुर्जर ने इस बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तीन थाना क्षेत्रों में एक साथ जाल बिछाया था। पकड़े गए अंतरराज्यीय तस्करों की पहचान उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी आकाश रायकवार और धीरज रायकवार के रूप में हुई है। वहीं, स्थानीय स्तर पर इस रैकेट से जुड़े दो अन्य आरोपी संतराम निषाद और कमलेश पटेल भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, जो रायपुर के ही अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं और यहां गांजे की खुदरा बिक्री व सप्लाई का काम संभाल रहे थे।
इस संयुक्त कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मोर्चा संभाला था। सबसे बड़ी कामयाबी गुढ़ियारी पुलिस को मिली, जिसने कबीर चौक स्थित ओवरब्रिज के पास सब्जी बाजार में घेराबंदी कर उत्तर प्रदेश के दोनों आरोपियों, आकाश और धीरज को दबोच लिया। इनके पास से करीब 4 लाख 93 हजार रुपये मूल्य का 9 किलो 866 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसी तरह पंडरी थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दलदल सिवनी कचरा गोदाम के पास छापेमारी कर कमलेश पटेल को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 2 किलो 285 ग्राम गांजा मिला, जिसकी कीमत 1 लाख 20 हजार रुपये है। वहीं, उरला पुलिस ने बीरगांव के बुधवारी बाजार में दबिश देकर संतराम निषाद को 1 किलो 300 ग्राम गांजे (कीमत करीब 53 हजार रुपये) के साथ रंगे हाथों दबोचा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उत्तर प्रदेश से इतनी बड़ी खेप रायपुर में किसे सप्लाई की जानी थी।
