बस्तर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस ने साय सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को जगदलपुर में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बेतहाशा मूल्यवृद्धि के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव भी किया और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन संबंधित अधिकारी को सौंपकर सरकार के इस फैसले को जनविरोधी करार दिया।
बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने प्रदर्शन के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही जनता को राहत देने के बजाय भाजपा सरकार लगातार जनविरोधी निर्णय ले रही है। मौर्य ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट और किसानों के लिए कृषि विद्युत शुल्क में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह वृद्धि तत्काल वापस नहीं ली गई, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
वहीं, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने कृषि उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले असर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान पहले से ही खाद, बीज और डीजल की किल्लत और बढ़ती लागत से परेशान है। ऐसे समय में बिजली महंगी करना किसानों की पीठ पर सीधा प्रहार है। शुक्ला के अनुसार, एक तरफ भाजपा सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके फैसले किसानों को कर्ज के दलदल में धकेल रहे हैं।
इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व की मजबूत मौजूदगी रही। पूर्व विधायक रेखचंद जैन, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, कविता साहू, कोमल सेना, विक्रम सिंह डांगी, अतिरिक्त शुक्ला और रविशंकर तिवारी सहित निकेत राज झा, विशाल खंबारी और बड़ी संख्या में ब्लॉक अध्यक्षों, पार्षदों और युवा कांग्रेस व एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
