बीजापुर। बस्तर के विकास और सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही कोमटपल्ली (कोकमपल्ली) व्यपवर्तन योजना अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के तहत होने वाले भूमि अधिग्रहण को पूरी तरह पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत आगामी 18 जून 2026 को ग्राम पामगल में एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई (सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट) का आयोजन किया जा रहा है।
भोपालपटनम के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया ‘भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ के कड़े प्रावधानों के तहत संपन्न की जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित के अधिकारों का हनन न हो।
इस परियोजना के विस्तार के लिए भोपालपटनम तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पामगल की कुल 4.319 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित किया गया है। अधिग्रहित होने वाली यह जमीन मुख्य नहर, माइनर और सब-माइनर नहरों के निर्माण में उपयोग की जाएगी, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का सीधा लाभ मिलेगा। सामाजिक प्रभाव निर्धारण के इस संवेदनशील अध्ययन के लिए 18 जून को सुबह 11 बजे से पामगल में ग्रामीणों और अधिकारियों की चौपाल सजेगी।
इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य प्रभावित किसानों, ग्रामीणों और सभी संबंधित हितधारकों को एक खुला मंच देना है, जहाँ वे बिना किसी झिझक के अपनी आपत्तियां, सुझाव और अपनी बात प्रशासन के सामने रख सकें। जिला प्रशासन ने भी क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस जनसुनवाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि पूरी प्रक्रिया को लोकतांत्रिक, सहभागी और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जा सके।
