रायपुर। छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट सेक्टर की मनमानी पर नकेल कसते हुए भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG RERA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। रेरा ने नियमों को ताक पर रखकर बिना रजिस्ट्रेशन के ही प्लॉटों की मार्केटिंग और बिक्री करने के मामले में दिग्गज बिल्डर “गोदरेज प्रॉपर्टीज रेसिडेंशियल प्लॉट्स” के प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने सिर्फ आर्थिक दंड ही नहीं दिया, बल्कि सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जब तक इस प्रोजेक्ट को रेरा से आधिकारिक पंजीयन (Registration) नहीं मिल जाता, तब तक यहां न तो कोई बुकिंग होगी, न ही विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को लुभाया जा सकेगा।
यह पूरी कार्रवाई तब शुरू हुई जब जांच में यह खुलासा हुआ कि गोदरेज प्रॉपर्टीज द्वारा अपनी इस नई परियोजना का रेरा में बिना पंजीकरण कराए ही सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। प्लॉटों की कीमतें और आकर्षक ऑफर्स दिखाकर खरीदारों को आकर्षित करने का यह खेल भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3(1) का सीधा उल्लंघन है। रेरा के नियमों के मुताबिक, जब तक कोई प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड नहीं होता, तब तक उसका विज्ञापन, मार्केटिंग या बिक्री करना पूरी तरह से गैर-कानूनी माना जाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजी रेरा ने अधिनियम की धारा 59 के तहत सख्त एक्शन लेते हुए यह 10 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है।
गुरुवार को जारी अपने कड़े आदेश में प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही सीजी रेरा ने आम नागरिकों और निवेशकों के लिए भी एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। रेरा ने अपील की है कि अपनी मेहनत की कमाई को किसी भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में लगाने से पहले उसकी रेरा रजिस्ट्रेशन स्थिति की जांच अनिवार्य रूप से कर लें। केवल रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में निवेश करके ही आप वित्तीय धोखाधड़ी, मानसिक तनाव और भविष्य के कानूनी विवादों से सुरक्षित रह सकते हैं। रियल एस्टेट जगत में इस बड़ी कार्रवाई को एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि चाहे प्रमोटर कितना भी बड़ा क्यों न हो, ग्राहकों के हितों और सरकारी नियमों से ऊपर कोई नहीं है।
