कोरबा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और शासन के नियमों के तहत जिले की नदियों से रेत निकालने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के सख्त निर्देश और खनिज प्रशासन के उप संचालक के मार्गदर्शन में विभाग ने अवैध उत्खनन के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार सुबह खनिज विभाग के दो विशेष उड़नदस्ता दलों ने जिले के विभिन्न वैध रेत घाटों पर औचक दबिश दी। इस अचानक हुई कार्रवाई से अवैध खनन और परिवहन करने वालों में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके पर नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर एक बड़ी चैन माउंटेन मशीन और ईंट-मिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे तीन ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया है।
खनिज विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के तहत उड़नदस्ते ने जोगीपाली, तरदा, कुदुरमाल, कटबितला, भैंसामुड़ा, गितारी, बगदर, चिचोली, भिलाई खुर्द, चुईया, कछार, घमोटा, धवईपुर, चारपारा और कुदमुरा सहित कुल 15 रेत घाटों का ताबड़तोड़ निरीक्षण किया। इस दौरान कुदमुरा रेत घाट पर नियमों को ताक पर रखकर चैन माउंटेन मशीन से धड़ल्ले से उत्खनन किया जा रहा था, जिसे टीम ने तुरंत सील कर अपनी कस्टडी में ले लिया। इसके अलावा, भिलाईखुर्द में अवैध रूप से ईंट ले जाते हुए एक ट्रैक्टर को पकड़कर सिटी कोतवाली थाने में खड़ा कराया गया, जबकि डिंगापुर में ईंट और मिट्टी का अवैध उत्खनन व परिवहन कर रहे दो अन्य ट्रैक्टरों को जब्त कर रामपुर थाना पुलिस की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
खनिज विभाग ने साफ कर दिया है कि जिले में 10 जून से लेकर 15 अक्टूबर तक नदियों से रेत निकालने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस विशेष अभियान का असल मकसद वर्षा ऋतु में प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करना, अवैध खनन पर प्रभावी लगाम लगाना और सरकारी राजस्व की चोरी को रोकना है। नियमों को ठेंगा दिखाने वाले और अवैध परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और माफियाओं के खिलाफ कोई ढील नहीं बरती जाएगी।
