नई दिल्ली। मणिपुर की राजधानी इंफाल में नागा समुदाय के छह लापता लोगों के शव बरामद होने के बाद एक बार फिर हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। पुलिस द्वारा शव बरामदगी की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और भारी भीड़ अस्पताल के बाहर जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को गिरा दिया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कई जगहों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद उग्र भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और सुरक्षाकर्मियों के साथ प्रदर्शनकारियों की देर रात तक जोर-आजमाइश चलती रही।
इस ताजा हिंसा की पृष्ठभूमि बीते दिनों हुई एक अपहरण की घटना से जुड़ी है। दरअसल, बीती 13 मई को हथियारबंद समूहों ने कुल 20 लोगों को बंधक बना लिया था, जिनमें 14 कुकी और 6 नागा समुदाय के लोग शामिल थे। बीते मंगलवार को इनमें से 14 कुकी नागरिकों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया था, जिससे गतिरोध कम होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन इसके ठीक अगले दिन बुधवार को कांगपोकपी जिले से लापता हुए नागा समुदाय के उन शेष 6 लोगों के शव सेनापति जिले से बरामद हुए। इस दुखद खबर के फैलते ही घाटी में आक्रोश फैल गया और शांति बहाली की कोशिशों को बड़ा झटका लगा।
इस जघन्य हत्याकांड पर राजनीतिक हलकों में भी तीव्र प्रतिक्रिया हुई है। नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के अध्यक्ष और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या को किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने राज्य सरकार और कानून लागू करने वाली एजेंसियों से मांग की है कि इस बर्बर कृत्य के जिम्मेदार लोगों को तत्काल न्याय के कटघरे में लाकर सख्त से सख्त सजा दी जाए।
मुख्यमंत्री संगमा ने इस बात पर विशेष दुख जताया कि यह दुखद घटना तब हुई है जब यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) द्वारा लगातार बातचीत और सुलह का माहौल बनाने के प्रयास किए जा रहे थे। उन्होंने इस नाजुक मोड़ पर सभी पक्षों और समुदायों से शांति व संयम बरतने की अपील की है, ताकि क्षेत्र में स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके। फिलहाल मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रण में लाने और दोषियों की धरपकड़ के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
