अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कर्तव्य पर तैनात पुलिस आरक्षक पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के कड़े निर्देश के बाद सरगुजा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
यह पूरा मामला सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र का है। बीते 3 जून को डायल 112 की टीम को ग्राम पलारी में विवाद और मारपीट होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सूझबूझ से मामले को शांत कराया। हालांकि, जब टीम वापस लौटने लगी, तभी अचानक 20 से 25 असामाजिक तत्वों ने पुलिस आरक्षक बहाल राम पैकरा पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके सिर पर आई गंभीर चोट के कारण चार टांके लगाने पड़े।
घटना के बाद पुलिस ने दो नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बावजूद, वारदात के चार दिन बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी, जिससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे। इस बीच, अंबिकापुर प्रवास पर पहुंचे वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने आईजी (IG) और एसपी (SP) को आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए।
वित्त मंत्री के कड़े रुख के बाद हरकत में आई लुंड्रा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने सभी पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली इस घटना ने सरकारी अमले की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।
