खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां छुईखदान थाने में तैनात प्रधान आरक्षक शीतल यादव का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उनके ही घर पर फंदे से लटका मिला। शनिवार तड़के खैरागढ़ शहर के दाऊचौरा स्थित उनके निवास पर हुई इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारियों ने फौरन मौके पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू कर दी है, और शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की रात सब कुछ सामान्य था और भोजन के बाद परिवार के अन्य सदस्य अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे, जबकि शीतल यादव घर के हॉल में ही रुके हुए थे। शनिवार सुबह करीब चार बजे जब उनकी पत्नी की अचानक आंख खुली, तो सामने का मंजर खौफनाक था; शीतल यादव का शव गमछे के फंदे के सहारे लटक रहा था। इस खौफनाक दृश्य को देखते ही घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर दौड़े आसपास के पड़ोसियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को इस बात की सूचना दी, जिसके बाद खैरागढ़ पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर वैधानिक कार्रवाई शुरू की। मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए दुर्ग से विशेष फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिनकी निगरानी में साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
फिलहाल इस दुखद कदम के पीछे की वजहों को लेकर रहस्य गहराया हुआ है, क्योंकि प्रारंभिक पड़ताल में पुलिस को मौके से कोई भी सुसाइड नोट या सुराग बरामद नहीं हुआ है। बिना किसी ठोस वजह के एक पुलिसकर्मी द्वारा ऐसा आत्मघाती कदम उठाए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस अब मृतक प्रधान आरक्षक के परिजनों, थाने के सहकर्मियों और करीबी मित्रों से पूछताछ कर रही है, ताकि उनकी मानसिक स्थिति या किसी संभावित तनाव का पता लगाया जा सके और इस मौत की असल गुत्थी को सुलझाया जा सके।
