धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बेखौफ हो चुके रेत माफिया का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर कर रख दिया है। जिले के खरेंगा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का खेल अब श्मशान घाट तक जा पहुंचा है। हद तो तब हो गई जब भारी मशीनों से की जा रही खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से एक-दो नहीं, बल्कि आठ नर कंकाल बाहर निकल आए। श्मशान की छाती चीरकर निकाले जा रहे इन कंकालों को देखकर ग्रामीणों में भारी दहशत है और इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।
यह पूरा मामला उस वक्त उजागर हुआ जब गुरुवार को गांव में मनरेगा के तहत काम चल रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों को भनक लगी कि श्मशान घाट वाले इलाके में गुपचुप तरीके से रेत की भारी खुदाई की जा रही है। जब ग्रामीण एकजुट होकर मौके पर पहुंचे, तो वहां का नजारा रूह कंपा देने वाला था। नदी किनारे और श्मशान के आस-पास मानव हड्डियों के अवशेष और कंकाल बिखरे पड़े थे। मौके पर रेत से भरे दो से तीन ट्रैक्टर भी खड़े थे, लेकिन ग्रामीणों की भारी भीड़ को अपनी तरफ आता देख अवैध खनन कर रहे ट्रैक्टर चालक वाहनों को छोड़कर रफूचक्कर हो गए।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस पूरे इलाके में लंबे समय से बाहरी रेत माफिया सक्रिय हैं, जो धड़ल्ले से इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। श्मशान घाट से जो आठ नर कंकाल मिले हैं, उनमें से कुछ अवशेष काफी नए प्रतीत हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। आरोप यह भी है कि माफिया दूसरे क्षेत्रों की रॉयल्टी (परमिट) का अवैध रूप से इस्तेमाल कर यहां से रेत चोरी कर रहे हैं, और प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा है।
ग्राम विकास समिति के सदस्य सुभाष साहू ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर रेत माफिया की गुंडागर्दी है। मनरेगा कार्य के दौरान जब ग्रामीण वहां पहुंचे, तो बिखरे हुए नर कंकालों को देख हर कोई सन्न रह गया। वहीं, ग्राम पंचायत की सरपंच नीलम साहू ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि पंचायत और ग्राम विकास समिति ने पहले ही गांव में बकायदा मुनादी (मुनादी कराकर घोषणा) कराई थी कि श्मशान क्षेत्र से कोई भी रेत नहीं निकालेगा। इसके बावजूद स्थानीय मजदूरों का इस्तेमाल कर धमतरी क्षेत्र के वाहन मालिक इस अवैध खेल को चला रहे हैं। सरपंच ने साफ किया है कि इस अमानवीय कृत्य की शिकायत सीधे कलेक्टर से कर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
चौंकाने वाली बात यह भी है कि अभी कुछ दिनों पहले ही सुशासन त्योहार के सिलसिले में जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा धमतरी पहुंचे थे। तब मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने दावा किया था कि सरकार अवैध उत्खनन को लेकर बेहद सख्त है और लगातार गाड़ियां जब्त की जा रही हैं। लेकिन खरेंगा की इस दिल दहला देने वाली घटना ने मंत्रियों और अफसरों के इन तमाम दावों की हवा निकाल दी है। अब देखना यह है कि श्मशान घाट को भी नहीं बख्शने वाले इन बेखौफ माफियाओं पर प्रशासन क्या हंटर चलाता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा।
