दुर्ग। सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज बटोरने के लिए हथियारों का प्रदर्शन करने, लड़ाई-झगड़े या किसी भी तरह का आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने अपनी निगरानी बेहद सख्त कर दी है। जिले में अमन-चैन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग द्वारा एक विशेष सोशल मीडिया सेल का गठन किया गया है, जो हर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बारीक नजर रख रहा है।
पुलिस की इस मुस्तैदी का असर हाल ही में देखने को मिला है, जहां इंस्टाग्राम पर धारदार हथियार के साथ आपत्तिजनक पोस्ट डालकर दबंगई दिखाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए दोनों आरोपी दुर्ग के रानीतरई क्षेत्र के रहने वाले हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर रौब झाड़ने और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
दुर्ग के एडिशनल एसपी (एएसपी) मणिशंकर चंद्रा ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर हथियार चमकाने या हिंसा को बढ़ावा देने वाले तत्वों की तलाश तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कोई भी आपत्तिजनक वीडियो, फोटो या पोस्ट डालने से पहले लोग उसके कानूनी अंजाम को अच्छी तरह समझ लें, क्योंकि ऐसी किसी भी गतिविधि पर सीधे जेल की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मकता और समाज निर्माण के लिए करें। गौरतलब है कि पुलिस प्रशासन द्वारा जिले में अब तक ऐसे असामाजिक तत्वों पर 200 से अधिक कार्रवाइयां की जा चुकी हैं और पुलिस का यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
