जांजगीर-चांपा। भीषण गर्मी के बीच बिजली विभाग की संवेदनहीनता एक बार फिर सामने आई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के फ्यूज कॉल कर्मचारी रात की ड्यूटी निभाने के बजाय ऑफिस में चैन की नींद सोते मिले। शिकायत नंबरों पर कॉल करने पर मोबाइल बंद—मानो जनता की परेशानी से कोई सरोकार ही नहीं।
बीती रात 2:00 बजे से नहरिया बाबा रोड पर ट्रांसफार्मर में खराबी आने के बाद पूरे इलाके की बिजली गुल है। तपती गर्मी में रातभर लोग जागते रहे, छोटे-छोटे बच्चे बेहाल होते रहे, बुजुर्गों की हालत खराब होती रही—लेकिन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसी ने फोन तक उठाना जरूरी नहीं समझा।
यह कोई पहली घटना नहीं है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बिजली विभाग की अकर्मण्यता और गैर-जिम्मेदारी बेनकाब होती जा रही है। सवाल यह है कि फ्यूज कॉल सिस्टम किसके लिए है? अगर आपात स्थिति में भी कर्मचारी सोते रहें और शिकायत लाइनें बंद रहें, तो जनता कहां जाए?
शहर में बिजली आपूर्ति भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं और कर्मचारी ड्यूटी से फरार। क्या गर्मी में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की तकलीफ की कोई कीमत नहीं?
अब देखना होगा कि प्रशासन इस खुली लापरवाही पर कार्रवाई करता है या फिर यह फिर से वही लापरवाह कर्मचारी के भरोसे विभाग रहेगा।
