मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में नारकोटिक व प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री और बिना अनुमति चल रहे फर्जी क्लीनिकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। समाचार पत्र में “जनकपुर में मेडिकल नशे का फैल रहा जाल” शीर्षक से छपी खबर पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर संतन देवी जाँगड़े ने मामले को बेहद संवेदनशीलता से लिया। उनके कड़े निर्देश पर एसडीएम भरतपुर की अगुवाई में एक संयुक्त जांच दल का गठन किया गया, जिसने रामगढ़ और जनकपुर क्षेत्र में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण कर हड़कंप मचा दिया। इस संयुक्त टीम में तहसीलदार भरतपुर, तहसीलदार कुवारपुर, बीएमओ, ड्रग्स इंस्पेक्टर और भारी पुलिस बल शामिल रहा।

जांच दल ने क्षेत्र के मेडिकल स्टोर्स और संदिग्ध स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचकर नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय, स्टॉक पंजी, दवा अभिलेखों तथा वैधानिक दस्तावेजों की बाल की खाल निकाली। इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान रामगढ़ स्थित ‘मजू मेडिकल स्टोर्स’ और उसके ठीक बगल में बिना किसी अनुमति के धड़ल्ले से चल रहे एक अवैध क्लीनिक में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। नियमों की धज्जियां उड़ते देख प्रशासन ने नर्सिंग होम एक्ट के तहत एक्शन लेते हुए उक्त क्लीनिक और दवा दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।

प्रशासन की इस कड़क कार्रवाई की जद में कई अन्य नामी मेडिकल स्टोर्स भी आए। निरीक्षण के दौरान नियमों में लापरवाही बरतने पर पांच अन्य औषधि दुकानों प्रदीप मेडिकल स्टोर्स, आलिया मेडिकल स्टोर्स, केसरवानी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, सिंह मेडिकल स्टोर्स और न्यू गुप्ता मेडिकल स्टोर्स (सभी जनकपुर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार, नशीली दवाओं के दुरुपयोग या बिना रजिस्ट्रेशन डॉक्टरी की दुकान चलाने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे संदिग्ध नशेडि़यों या फर्जी डॉक्टरों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

