रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देश के गृहमंत्री अमित शाह के कड़े पहरे और वीआईपी हलचल के बीच पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से हुई दिनदहाड़े लूट ने सियासी पारे को गरमा दिया है। सिविल लाइंस जैसे अति-सुरक्षित इलाके में मॉर्निंग वॉक के दौरान भाजपा विधायक का मोबाइल छीने जाने की इस वारदात पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साय सरकार को बुरी तरह रगड़ा है। इस सुरक्षा चूक को लेकर बघेल ने सोशल मीडिया पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश की बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनता को सचेत करते हुए लिखा कि “छत्तीसगढ़वासी अपनी सुरक्षा स्वयं करें!!!” उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए आगे कहा कि जब देश के गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ में मौजूद हैं, उस समय “मॉर्निंग वॉक” के दौरान ऐसी वारदात होना कथित “सुशासन” पर एक करारा तमाचा है। बघेल ने सरकार को आईना दिखाते हुए साफ लफ्जों में कहा कि इस ‘विज्ञापनजीवी सरकार’ को अब तक समझ आ जाना चाहिए कि “सुशासन तिहार” नाम की चाशनी लपेटने से जमीनी हकीकत की कड़वाहट और कड़वी सच्चाई का स्वाद नहीं बदलने वाला।
साय सरकार की घेराबंदी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस वक्त छत्तीसगढ़ में हर तरफ चोरी, चाकूबाजी, हत्या और लूटपाट की घटनाएं चरम पर पहुंच चुकी हैं। उन्होंने सीधे गृहमंत्री पर आंख दिखाते हुए तंज कसा कि प्रदेश के सबसे निकम्मे गृहमंत्री जनता की सुरक्षा करने के बजाय इस वीआईपी दौरे में सिर्फ रीलबाज़ी और स्वागतबाज़ी में व्यस्त हैं। जब देश के सबसे बड़े सुरक्षा रणनीतिकार की मौजूदगी में सूबे के इतने कद्दावर नेता सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे है। सरकार को अब अपनी इस नाकामी पर आत्ममंथन करना ही होगा।
