नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है, जिसके अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार 16 मई 2026 के आसपास मानसून दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में अपनी दस्तक दे सकता है। मानसून के इस सक्रिय चरण के कारण समुद्र से आने वाली नमी वाली हवाएं तेज हो गई हैं, जिससे बादल बनने की प्रक्रिया में तेजी आई है और कई इलाकों में मानसून के निर्धारित समय से पहले पहुंचने की उम्मीद जग गई है।
अगले चार से पांच दिनों के दौरान दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण कर्नाटक के हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत में भी इस पूरे सप्ताह मूसलाधार बारिश का अनुमान है। वहीं, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली धूल भरी हवाओं और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है, जिससे तपती गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है।
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद में शुक्रवार और शनिवार (15-16 मई) को गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बादल जमकर बरसेंगे। हालांकि, एक तरफ जहां बारिश की राहत है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्से अब भी भीषण लू (Heat Wave) की चपेट में रहेंगे। मौसम विभाग ने आगाह किया है कि इस सप्ताह के दौरान इन क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा, इसलिए लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
