बस्तर। छत्तीसगढ़ में बस्तर के अतिसंवेदनशील और दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की एक नई और प्रेरक गाथा लिखी गई है। आईटीबीपी (ITBP) की 38वीं बटालियन के 15 जांबाज जवानों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों की चुनौती को स्वीकार करते हुए मात्र 15 दिनों के भीतर 60 मीटर लंबा लकड़ी और बांस का पुल तैयार कर दिया है।

ओरछा थाना क्षेत्र से करीब 20 किलोमीटर दूर कुड़मेल गांव के पास निर्मित यह पुल न केवल इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना है, बल्कि सुरक्षा बल और स्थानीय ग्रामीणों के बीच अटूट भरोसे का प्रतीक भी बनकर उभरा है। स्थानीय संसाधनों के बुद्धिमानी से किए गए उपयोग और ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग ने इस निर्माण कार्य को संभव बनाया।
इस पुल की मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह न केवल पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित है, बल्कि अब इस दुर्गम रास्ते पर मोटरसाइकिलें भी आसानी से फर्राटा भर सकेंगी, जिससे ग्रामीणों की राह अब पहले से कहीं अधिक सुगम हो गई है।
