रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की ऐतिहासिक फिजाओं में अब भक्ति और भव्यता का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर का सुप्रसिद्ध गजमार पहाड़ मंदिर जल्द ही एक बड़े धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विश्व पटल पर उभरेगा, जिसकी गूँज 51 फीट ऊंची भव्य कांस्य बजरंगबली प्रतिमा के रूप में सुनाई देगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला गुरुवार की शाम वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने रखी। वैदिक मंत्रोच्चार और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के बीच हुए इस भूमिपूजन ने समूचे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धा के इस महाकुंभ में न केवल मंत्रों की गूँज थी, बल्कि देर रात तक चले विशाल भंडारे ने जन-जन की आस्था को एक सूत्र में पिरो दिया।
यह केवल एक प्रतिमा की स्थापना नहीं, बल्कि रायगढ़ की सांस्कृतिक और औद्योगिक पहचान में एक स्वर्णिम कड़ी जोड़ने का प्रयास है। लगभग 10 टन वजनी इस विशाल कांस्य प्रतिमा का निर्माण पूरी तरह से जनसहयोग और शहरवासियों की सामूहिक भागीदारी से किया जाएगा, जो इसे सामाजिक एकता का एक अनूठा प्रतीक बनाता है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस विजन को साझा करते हुए कहा कि गजमार पहाड़ हमेशा से आस्था का केंद्र रहा है, लेकिन अब इसे प्रदेश के प्रमुख पर्यटन सर्किट से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार और छोटे व्यापारों के लिए नए द्वार खोले जाएंगे।
आने वाले समय में जब श्रद्धालु गजमार की ऊंचाइयों पर पवनपुत्र के दर्शन करेंगे, तो उन्हें न केवल शांति मिलेगी बल्कि यह स्थल छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत का गवाह भी बनेगा। कार्यक्रम के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्री लाल साहू सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस संकल्प को और मजबूती दी। जनसहयोग की शक्ति से साकार होने वाला यह प्रोजेक्ट रायगढ़ को एक नई वैश्विक पहचान दिलाने की ओर एक बड़ा कदम है।
