नई दिल्ली। केरल की राजनीति में एक दशक बाद आए सत्ता परिवर्तन की लहर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बार विधानसभा की सीढ़ियां चढ़ने वाले चेहरों ने भी सबको हैरान कर दिया है। ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (ADR) की हालिया रिपोर्ट बताती है कि इस बार सदन में ‘करोड़पति’ चेहरों की तादाद में 20 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा हुआ है, लेकिन इन सबके बीच कुट्टनाड से जीतकर आए रेजी चेरियन की चमक सबसे जुदा है। करीब 218 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ केरल कांग्रेस के रेजी चेरियन प्रदेश के सबसे अमीर विधायक बनकर उभरे हैं, जिन्होंने भाजपा के राजीव चंद्रशेखर जैसे दिग्गजों को भी पीछे छोड़ दिया है।
रेजी चेरियन का यह सफर किसी फिल्मी पटकथा जैसा जान पड़ता है, जहाँ व्यापार की सूझबूझ और राजनीति का दांव एकदम सटीक बैठा। कभी एनसीपी का हिस्सा रहे चेरियन ने चुनाव से ठीक पहले पाला बदला और अपनी ही पुरानी पार्टी के दिग्गज को हराकर कुट्टनाड में जीत का परचम लहराया। उनके पास 210 करोड़ रुपये से ज्यादा की अचल संपत्ति है, जिसका बड़ा हिस्सा अलाप्पुझा के मुल्लाक्कल जैसे प्राइम लोकेशन पर मौजूद एक लाख वर्ग फीट से अधिक की कमर्शियल बिल्डिंग्स से आता है। इतना ही नहीं, उनका साम्राज्य सिर्फ केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी उनकी करोड़ों की संपत्तियां मौजूद हैं।
चेरियन की जीवनशैली में वह रसूख साफ झलकता है जो उन्होंने ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से कमाया है। उनके गैरेज में मर्सिडीज-बेंज और लैंड रोवर जैसी 14 लग्जरी गाड़ियां खड़ी हैं, तो वहीं केरल के मशहूर बैकवाटर्स के पानी पर राज करने के लिए उनके पास आलीशान हाउस-बोट्स और जेट-स्की का पूरा बेड़ा है। उनकी शान-ओ-शौकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी महज एक हाउस-बोट की कीमत ही 45 लाख रुपये है। 6 करोड़ रुपये से ज्यादा का बैंक बैलेंस और पत्नी के पास मौजूद करोड़ों की जमीन व सोना उनकी आर्थिक मजबूती को और पुख्ता करते हैं। सदन में भले ही इस बार 93 विधायक करोड़पति हों, लेकिन कुट्टनाड के इस बिजनेसमैन कम राजनेता ने अपनी दौलत और जीत के साथ केरल की सियासत में एक नया इतिहास लिख दिया है।
