Health Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और ‘नाइट आउट’ के बढ़ते कल्चर ने हमारी नींद की परिभाषा को पूरी तरह बदल दिया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 99% लोग आज भी सुबह उठने के उस सही समय से अनजान हैं जो सीधे हमारी उम्र और ऊर्जा से जुड़ा है। सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ 7 से 8 घंटे की नींद लेना ही काफी नहीं है, बल्कि उस नींद को कब तोड़ा जाए, यह विज्ञान और आयुर्वेद की नजर में सबसे महत्वपूर्ण सवाल है।
आयुर्वेद जिस ‘ब्रह्म मुहूर्त’ की वकालत सदियों से करता आ रहा है, वह सूर्योदय से लगभग 1 घंटा 36 मिनट पहले, यानी सुबह 4:00 से 5:30 के बीच का समय है। इस जादुई समय पर उठने से न केवल शरीर में ‘वात’ का सही संचार होता है जो हमें दिनभर ऊर्जावान बनाए रखता है, बल्कि वातावरण में मौजूद ओजोन की प्रचुर मात्रा हमारे फेफड़ों और मस्तिष्क के लिए किसी अमृत से कम नहीं होती। जब दुनिया सो रही होती है, तब प्रकृति की यह शांति रचनात्मक कार्यों और मानसिक स्पष्टता के लिए एक वरदान की तरह काम करती है।
वहीं दूसरी ओर, आधुनिक विज्ञान इसे ‘सर्केडियन रिदम’ या शरीर की आंतरिक घड़ी के नजरिए से देखता है। जैसे ही सूरज की पहली किरण धरती को छूती है, हमारे शरीर में नींद लाने वाले ‘मेलाटोनिन’ हार्मोन का स्तर गिरने लगता है और सक्रियता बढ़ाने वाले ‘कोर्टिसोल’ का स्तर बढ़ने लगता है। विज्ञान के अनुसार, यदि आप सुबह 6:00 से 8:30 के बीच की इस ऊर्जा का लाभ नहीं उठाते और देर तक सोते रहते हैं, तो आप पूरा दिन भारीपन और सुस्ती की चपेट में बिता सकते हैं।
विशेष रूप से उम्र के लिहाज से देखें तो नींद और जागने का संतुलन अलग-अलग होता है; जहाँ 6 से 13 वर्ष के बच्चों के लिए सुबह 6:00 से 7:00 बजे का समय उपयुक्त है, वहीं युवाओं और वर्किंग प्रोफेशनल्स को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए सुबह 5:00 से 6:30 के बीच बिस्तर छोड़ देना चाहिए। बुजुर्गों के लिए तो सूर्योदय से पहले का समय ही सबसे लाभकारी माना गया है। अंततः, समय पर जागना केवल एक आदत नहीं बल्कि लंबी बीमारियों से बचने का एक वैज्ञानिक रक्षा कवच है, जिसे अपनाकर आप आधुनिक जीवन की थकान को मात दे सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। फटाफट न्यूज डॉट कॉम किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
