बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने पूरे सामरी पाठ इलाके को सुन्न कर दिया है। शुक्रवार की वो तपती दोपहर भुताही गांव के दो परिवारों के लिए कभी न खत्म होने वाला अंधेरा लेकर आई, जब गर्मी से राहत पाने की एक मासूम कोशिश मौत के मातम में बदल गई।
ग्राम पंचायत सबाग और भुताही के रहने वाले 5 और 6 साल के दो नन्हे दोस्त, अपने अन्य साथियों के साथ दोपहर करीब 3 बजे गांव के पास बह रही नदी की लहरों से खेलने निकले थे। चिलचिलाती धूप से बचने के लिए जैसे ही इन मासूमों ने पानी में कदम रखा, उन्हें इस बात का इल्म नहीं था कि नदी की गहराई उनके जीवन को लीलने के लिए तैयार खड़ी है। खेल-खेल में दोनों बच्चे किनारे से दूर गहरे पानी की ओर बढ़ गए और देखते ही देखते लहरों के बीच ओझल हो गए।
किनारे खड़े उनके साथियों की चीखें जब गांव तक पहुँचीं, तो ग्रामीण बदहवास होकर नदी की ओर दौड़े, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। काफी मशक्कत के बाद जब ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
शनिवार को जब सामरी पाठ थाना प्रभारी विजय सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की, तो परिजनों के करुण क्रंदन से अस्पताल परिसर की दीवारें भी कांप उठीं। आज पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले हैं; हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और नम आंखें हैं, जो इस दर्दनाक हादसे पर स्तब्ध खड़ी हैं।
