नई दिल्ली। भारत के नेशनल हाईवे पर अब सफर न केवल सुहाना होगा, बल्कि टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से भी पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के पहले मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम का अनावरण कर परिवहन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। गुजरात में एनएच-48 के सूरत-भरूच सेक्शन पर स्थित चोरयासी टोल प्लाजा इस तकनीक को अपनाने वाला देश का पहला केंद्र बन गया है।
इस क्रांतिकारी सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब वाहनों को टोल देने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान (ANPR) और उन्नत फास्टैग तकनीक से लैस यह सिस्टम चलते हुए वाहनों से ही सीधे टोल टैक्स वसूलने में सक्षम है। मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित तकनीक न केवल यात्रा के समय में भारी कटौती करेगी, बल्कि ईंधन की बचत और वाहन प्रदूषण को कम करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को आगे बढ़ाते हुए, यह पहल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को अधिक पारदर्शी और यात्रियों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नितिन गडकरी ने इस मौके पर जोर देकर कहा कि बैरियर-लेस सिस्टम से माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स की आवाजाही तेज होगी, जिससे देश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी बढ़ावा मिलेगा।
गौरतलब है कि सरकार ने अप्रैल माह से ही सभी नेशनल हाईवे पर शत-प्रतिशत डिजिटल भुगतान अनिवार्य कर दिया है। वर्तमान में देश में फास्टैग का उपयोग 98 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर चुका है। इसी सफलता को देखते हुए अब सिस्टम को मानव हस्तक्षेप से मुक्त कर पूरी तरह स्वचालित बनाया जा रहा है। एनएचएआई ने सुरक्षा और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को वाहन रजिस्ट्रेशन नंबरों की तत्काल जांच के निर्देश भी दिए हैं, ताकि बिना किसी तकनीकी बाधा के देश की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बनी रहे।
