राजनांदगांव। जिले के डोंगरगढ़ थाना एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक कथित वीडियो ने पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में वर्दी के भीतर कथित “लेन-देन” कर मामला निपटाने के आरोप सामने आ रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, लेकिन सामने आए दृश्य मामले को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं।
वीडियो की शुरुआत में एक एएसआई, जिन्हें खूंटे बताया जा रहा है, थाना परिसर में बैठकर अपने मोबाइल में एक महिला की तस्वीर को ज़ूम कर देखते नजर आते हैं, जो उनके आचरण पर सवाल खड़ा करता है। इसके बाद कथित तौर पर एक वर्दीधारी आरक्षक अंदर आता है और नगदी लेकर जेब में रखते हुए दिखाई देता है। आगे के हिस्से में एएसआई द्वारा संबंधित व्यक्ति से और पैसे मांगने तथा “मामला निपटाने” की बात कहे जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह सब थाना परिसर के भीतर हो रहा था, तो क्या इसकी जानकारी थाना प्रभारी को नहीं थी, या फिर यह सब उनकी जानकारी में ही चल रहा था? किसी भी थाने की गतिविधियों की अंतिम जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होती है, ऐसे में जांच का दायरा केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि वीडियो की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारी की श्रृंखला तय करते हुए उच्च स्तर तक कार्रवाई आवश्यक होगी।
वहीं, इस मामले ने जिले की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा की “जीरो टॉलरेंस” नीति को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस विभाग इस वायरल वीडियो की कितनी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करता है, क्योंकि फिलहाल आम जनता के बीच यही सवाल गूंज रहा है कि क्या इस कथित ‘सौदेबाज़ी’ पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा।
(नोट: फटाफट न्यूज डॉट कॉम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।)
