बलरामपुर. प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2025-26 शुरू हो गया है. इस बीच बलरामपुर पुलिस ने परिवहन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने निजी शैक्षणिक संस्थानों के स्कूल का बसों का निरीक्षण किया है. निरीक्षण में चौंकाने वाले खुलासे भी हुए है. पुलिस ने 15 प्रकरण तैयार कर 10 हजार 100 रुपए का समन शुल्क भी जमा कराया है. इसके साथ ही 17 वाहन चालकों को मौके पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आवश्यक दस्तावेज मंगवाए गये है.
गौरतलब है कि बीते कुछ महीने पहले पड़ोसी राज्य झारखंड में स्कूल बस किराये पर भेजे जाने और दुर्घटनाग्रस्त हो जाने का मामला सामने आया था. जिसमें महिलाओं समेत 10 ग्रामीणों की मौत हुई थी और इस घटना ने निजी स्कूलों के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिये थे. जिसके बाद से प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए निजी शैक्षणिक संस्थानों के स्कूल बसों का निरीक्षण करने अभियान चलाया था. पुलिस के नेतृत्व में चलाए गये अभियान में चौंकाने वाले खुलासे हुए है.
जानकारी के मुताबिक पुलिस, परिवहन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 32 स्कूल बसों का मुआयना किया था. इस दौरान 15 स्कूल बसों में कई तरह की खामियां उजागर हुई थी. इसके साथ ही कुछ स्कूलों के बस ड्राइवर बल्ड प्रेशर, डायबिटीज और दृष्टि दोष से संबंधित समस्याओं से ग्रसित मिले. वही 17 बस ड्राइवरों को मौके पर ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आवश्यक दस्तावेज मंगवाए गये.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के मुताबिक स्कूल बसों के निरीक्षण के दौरान 15 प्रकरण तैयार किये गये थे और 10 हजार 100 रूपये के जुर्माना कर जुर्माने की रकम भरवाई गई है.
पुलिस के नेतृत्व में हुई इस कार्यवाही के बाद यह साफ हो गया है कि निजी शैक्षणिक संस्थानों की बसे नियमों के विरुद्ध चलाई जा रही थी. बहरहाल पुलिस और प्रशासन की सख्ती ने जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहने की सबक सीखा दी है.
