रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं. शुक्रवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को चौंका दिया. इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए अगले 24 घंटों का ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि तेज अंधड़, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की घटनाएं बढ़ सकती हैं.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में इस बदलाव के पीछे एक साथ तीन मजबूत सिस्टम सक्रिय हैं. मध्यप्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती घेरा नमी को खींच रहा है, वहीं मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ तक फैली द्रोणिका प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अस्थिरता बढ़ा रही है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश के ऊपर सक्रिय ऊपरी हवा का चक्रवात बंगाल की खाड़ी से नमी लाकर पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम को प्रभावित कर रहा है. इन तीनों सिस्टम के संयुक्त असर से प्रदेश में मौसम उग्र रूप ले सकता है.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है. रायपुर, बिलासपुर, बस्तर, अम्बिकापुर और दुर्ग संभाग के जिलों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. लगातार बदलते मौसम के कारण प्रदेशभर में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है.
बारिश और बादलों की वजह से अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मार्च की शुरुआत में पड़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिली है. हालांकि मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है और लोगों से कहा है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें.
पिछले 24 घंटों के दौरान बस्तर संभाग के जगदलपुर, बकावंड और साकोला में लगभग 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रिकॉर्ड किया गया है. बदलते मौसम के बीच प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
