अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाला सस्ता राशन पिछले तीन महीनों से नहीं मिलने पर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है. ग्राम पेटला के ग्रामीणों ने राशन दुकान संचालित करने वाली स्वयं सहायता समूह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गरीबों के हिस्से का अनाज कालाबाजारी में खपाया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद परिवार राशन से वंचित हो गए हैं. हालात यह हैं कि मजदूर, किसान और गरीब तबके के लोग महंगे दामों पर बाजार से अनाज खरीदने को मजबूर हैं और कई परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है.
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में करीब साढ़े छह सौ राशन कार्डधारियों को जनवरी, फरवरी और मार्च 2026 का चना, चावल और शक्कर वितरित नहीं किया गया है. ग्राम पेटला में दीपिका स्वयं सहायता समूह द्वारा उचित मूल्य दुकान का संचालन किया जा रहा है, लेकिन लगातार तीन महीने से राशन नहीं मिलने से लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कई घरों में सरकारी राशन के भरोसे ही चूल्हा जलता है, ऐसे में वितरण नहीं होने से लोग दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी खाद्य विभाग के अधिकारियों को भी है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इससे विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ही राशन की हेराफेरी खुलेआम हो रही है और दोषी बेखौफ हैं.
मामले को लेकर हाल ही में ग्राम सभा में भी चर्चा की गई, जहां सरपंच हर्षिला, पंचों और ग्रामीणों ने राशन वितरण में अनियमितता पर नाराजगी जताई. इसके बाद सरपंच, सचिव और ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर लाखों रुपये के राशन गबन की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
इस संबंध में एसडीएम रामसिंह ठाकुर ने कहा है कि शिकायत मिली है, मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.
