धमतरी. चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर शीतला शक्ति पीठ सिहावा एक बार फिर भक्ति और श्रद्धा की अलौकिक आभा से जगमगा उठा है. शुभ मुहूर्त में घट स्थापना के साथ माता शीतला के दरबार में प्रज्ज्वलित मनोकामना ज्योतियों ने पूरे परिसर को दिव्य प्रकाश से भर दिया, जहां हर ओर आस्था की गूंज सुनाई दे रही है.
इस वर्ष कुल 1035 दीपों की रौशनी ने मंदिर परिसर को अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण में बदल दिया है, जिनमें 117 घी के दीप और 918 तेल के दीप शामिल हैं. दीपों की यह मनोहारी छटा श्रद्धालुओं के मन में गहरी भक्ति और उत्साह का संचार कर रही है. विधि-विधान से पूजा संपन्न कराते हुए आचार्य नारायण प्रसाद पाठक ने श्रद्धालुओं को संकल्प दिलाया और कहा कि नवरात्रि में आदिशक्ति की उपासना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है.
शक्ति पीठ समिति के अध्यक्ष कैलाश पवार ने बताया कि माता शीतला अपने भक्तों के कष्टों को हरकर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं. उन्होंने इस पीठ की विशेषता बताते हुए कहा कि माता का स्वरूप स्वयंभू होने के कारण इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है.
नवरात्रि के दौरान तृतीय दिवस से अष्टमी तक प्रतिदिन भोजन प्रसादी का वितरण किया जाएगा, वहीं धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर करेगी। 24 से 27 मार्च तक विभिन्न मानस मंडलियों द्वारा भक्ति प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिससे माहौल और भी आध्यात्मिक हो उठेगा.
नवरात्रि के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की गई, जहां श्रद्धालुओं ने जीवन में स्थिरता, शक्ति और दृढ़ता की कामना की. इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिससे पूरा सिहावा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया.
