रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के मुताबिक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, वहीं गरज-चमक के साथ वज्रपात, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में तेज बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बुधवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ओले दर्ज किए गए, जिससे मौसम सुहाना तो हुआ, लेकिन खतरा भी बढ़ गया है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक वर्तमान में दो सक्रिय सिस्टम प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के मध्य भाग में समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से मध्य प्रदेश होते हुए उत्तरी छत्तीसगढ़ तक फैली द्रोणिका नमी ला रही है। इन दोनों प्रणालियों के असर से प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के जिलों सहित कुल 19 जिलों में अंधड़, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई है। खासकर इन संभागों के जिलों में ओले गिरने की चेतावनी दी गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पिछले 24 घंटे के दौरान भी कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। देवभोग में 50 मिमी, करपावंड में 40 मिमी और देवकर में 2 मिमी वर्षा हुई। वहीं गरियाबंद, धमतरी और बालोद जैसे जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला नजर आया।
तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को दुर्ग में प्रदेश का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचें।
