अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..सरगुजा जिले के सीतापुर नगर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी गैस की गंभीर किल्लत से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. पिछले एक सप्ताह से रसोई गैस की आपूर्ति ठप होने के कारण घरों के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं, वहीं होटल, ढाबा और ठेला-गुमटी चलाने वाले छोटे व्यवसायियों का कामकाज भी लगभग बंद हो गया है. गैस सिलेंडर की कमी से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है. नगर और ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर का अभाव होने से घरों की रसोई के साथ-साथ मांगलिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. कई परिवार फिलहाल इंडक्शन चूल्हे या अन्य इलेक्ट्रिक साधनों के सहारे खाना बना रहे हैं, जबकि बड़ी जरूरतों के लिए लोगों को लकड़ी और अन्य जलावन का सहारा लेना पड़ रहा है.
गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर छोटे व्यवसायियों पर पड़ा है. ठेला-गुमटी और छोटे होटल संचालित करने वाले लोगों का व्यवसाय लगभग ठप हो गया है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. वहीं होटल व्यवसायियों का कहना है कि बिना रसोई गैस के शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों के लिए भोजन की व्यवस्था करना संभव नहीं है. इसी वजह से कई जगहों पर वैवाहिक कार्यक्रमों को लेकर होटल संचालक ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं.
नगर में गैस संकट का आलम यह है कि लोग रोज उम्मीद के साथ गैस एजेंसी पहुंच रहे हैं, लेकिन सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. एजेंसी संचालकों का भी कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि नियमित आपूर्ति कब तक बहाल हो पाएगी. दूसरी ओर प्रशासन का दावा है कि एलपीजी गैस का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, लेकिन आम लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि यदि भंडारण पर्याप्त है तो आपूर्ति क्यों नहीं की जा रही. लोगों का कहना है कि यदि सीमित मात्रा में ही गैस की सप्लाई शुरू कर दी जाए तो भी काफी राहत मिल सकती है.
इस बीच रसोई गैस बुकिंग की समय सीमा बढ़ा दिए जाने से उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है. पहले जहां सिलेंडर बुकिंग की समय सीमा 14 दिन थी, वहीं अब अस्थायी रूप से शहरी क्षेत्र में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन कर दी गई है. इसके अलावा ऑनलाइन बुकिंग और गैस कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर पर भी बुकिंग बंद होने से उपभोक्ताओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
इस संबंध में खाद्य निरीक्षक सरस्वती राजवाड़े ने बताया कि सभी गैस गोदामों का निरीक्षण किया गया है, लेकिन कहीं भी एलपीजी गैस का भंडारण नहीं मिला है. ऐसे में गैस आपूर्ति बहाल होने तक लोगों को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है.
