जांजगीर चांपा। कन्हाईबंद में खुल रहे नये कोल डिपो से जुड़े कथित संबंधों को लेकर कांग्रेस के एक विधायक की लगातार चुप्पी पर सियासत गरमा गई है। बीजेपी ने सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि आरोप बेबुनियाद हैं, तो विधायक खुलकर जवाब क्यों नहीं दे रहे। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कोल डिपो के संचालन और लाभ से जुड़े बाते सामने आने के बाद भी कांग्रेस विधायक का मौन संदेह बढ़ा रहा है। बीजेपी ने इसे “सच से बचने की कोशिश” बताया है। वहीं कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है। क्योंकि कन्हाईबंद के किसान से जुड़ा मामला हैं. ग्रामीण किसानों की गंभीर समस्या हैं. किसानों की फसल से लेकर पर्यावरण प्रदूषण के साथ साथ नियम कायदों को ताक में रख कोल डिपो खोला जा रहा है।
कोल डिपो कनेक्शन पर कांग्रेस विधायक मौन क्यों? बीजेपी बोली—दाल में काला नहीं, पूरी खदान काली!
कोल डिपो से जुड़े कथित संबंधों पर कांग्रेस विधायक की रहस्यमयी चुप्पी अब सवाल नहीं, शक बनती जा रही है। बीजेपी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि अगर हाथ साफ़ हैं तो जुबान पर ताला क्यों?
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कोल डिपो के खेल में कांग्रेस विधायक की भूमिका उजागर होने के डर से ही पार्टी खामोश है। बीजेपी ने इसे “कांग्रेस की पुरानी काली कमाई की परंपरा” बताया और पूछा—जनता को सच कब बताया जाएगा? अब तक कांग्रेस विधायक की ओर से न बयान, न सफाई। सियासी गलियारों में चर्चा है कि चुप्पी टूटते ही कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
कोल डिपो मामले में कांग्रेस विधायक की चुप्पी पर सियासत गरमाई हुई है ,बीजेपी ने उठाए सवाल
जिले में कोल डिपो से जुड़े कथित संबंधों को लेकर कांग्रेस विधायक की चुप्पी अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। बीजेपी ने इस मामले को लेकर विधायक से सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि कोल डिपो के संचालन और इससे जुड़े लाभार्थियों को लेकर जो तथ्य सामने आए हैं, उन पर कांग्रेस विधायक का मौन कई सवाल खड़े करता है। बीजेपी का आरोप है कि यदि विधायक का इस पूरे प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है, तो उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए।
वहीं कांग्रेस की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है और सियासी माहौल और गर्मा सकता है। पंचायत प्रतिनिधियो का कहना है कन्हाईबंद के ग्रामीण भी विधायक से अपनी समस्या को अवगत कराए हैं लेकिन उनकी समस्या को अनसुना कर दिए हैं।
