शादी की फेरे लेते-लेते दूल्हे के इस अंग पर पड़ गई दुल्हन की नजर, कहा- काला हैं नहीं करूंगी शादी, फिर क्या हुआ.?

सीतामढ़ी..हिंदू धर्म के शादी में होने वाले फेरों और उसके वचन का विशेष महत्व होता हैं। कहा जाता हैं कि, फेरे से पति-पत्नी के बीच सात जन्मों का रिश्ता बंध जाता हैं, और फेरे के वचन के साथ दोनों सात जन्म तक साथ निभाने की कसमें खाते हैं। लेकिन, इस बीच एक ऐसा ताज़ा मामला सामने आया हैं। जहां दुल्हन ने दूसरे फेरे लेने के बाद शादी से इंकार कर दिया। दुल्हन का कहना था कि, अब वो आगे फेरे नहीं लेगी। इतना सुनते ही मंडप में बैठे लोगों में सन्नाटा छा गया।


दरअसल, मिली जानकारी के अनुसार, 17 मई को बारात आई और बारातियों का स्वागत हुआ। पूरी रस्म के साथ वरमाला भी हुई। दूल्हे को वरमाला पहनाने के बाद दुल्हन स्टेज से उतर कर वापस चली गई। इसी दौरान दुल्हन ने अपने परिवार वालों को बताया कि, वो उस लड़के से शादी नहीं करना चाहती हैं। परिजन के बार-बार समझाने के बाद भी दुल्हन शादी के लिए मंडप तक आई और दूल्हे के साथ दो फेरे भी लिए। लेकिन, इसके बाद उसके अंदर न जाने कहां से साहस आया और उसने सबके सामने एलान कर दिया कि, वह अब फेरे नहीं लेगी।

लडकी भरी महफ़िल में कहीं- लड़का काला हैं, और इससे शादी नहीं करुंगी। इतना कहते ही मंडप में सन्नाटा फैल गया। दुल्हन के इनकार के बाद दोनों ही पक्ष के लोग हैरान रह गए। इस बीच बारात में शामिल गांव के बुजुर्ग सहित अन्य लोग दुल्हन को समझाने में जुट गए। उधर, बाराती हंगामा न कर दें और बारात वापस न लौट जाए इसकी भी चिंता थी। लिहाजा, बाराती पक्ष के कुछ लोगों को लड़की वालों ने बंधक बना लिया, लेकिन, जब घंटों तक समझाने के बाद भी लड़की नहीं मानी, तो लड़की पक्ष के लोग उपहार में दिए गए रुपयों और सामान की मांग करने लगे।

मामले को बढ़ता देख किसी ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद प्रभारी थानाध्यक्ष और सह प्रशिक्षु डीएसपी सुचित्रा कुमारी ने दोनों पक्षों को थाना में बुलाया। दोनों पक्षों की पूरी बात सुनने के बाद उन्होंने दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामले को शांत कराया। उधर, लड़के के पिता ने भावुक होकर कहा कि चार महीने पहले शादी तय हुई थी अचानक क्या हुआ? सुनने में आया हैं कि, लड़की का किसी के साथ अफेयर हैं। इसी कारण शादी तोड़ी गई हैं। लड़की पक्ष के लोगों ने बारात को बंधक भी बना लिया था। लेकिन, पुलिस ने बीच बचाव किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।