गांव में पौधें लगाने पर अब सरकार दे रही है रोजगार और पैसे, जानें इस योजना को

Government starts a plan to offer job and money as well for planting trees in villages

पौधें लगाने से पर्यावरण का संरक्षण होता है पर हाल ही में एक ऐसी सरकारी योजना निकली है जिसके द्वारा आप पौधें लगाकर रोजगार भी पा सकते हैं। जी हां, आज हम आपको हाल ही में निकली इस योजना के बारे में जानकारी दे रहें हैं ताकि आप भी इस योजना का लाभ उठा सकें। आपको सबसे पहले हम यह बता दें कि यह योजना मध्य प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई है।-

मध्य प्रदेश सरकार ने पर्यावरण को ध्यान में रख कर 2 जुलाई 2017 तक प्रदेश भर में 5 करोड़ पौधें लगाने का संकल्प लिया है, साथ ही इस कार्य में इस बात का भी ध्यान रखा है कि गांव में अधिक से अधिक पौधें लगाए जाएं और वहां के लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलें। इस बात को ध्यान में रख कर ही मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना को शुरू किया है।

इस योजना के अनुसार सरकार ने 5 वर्ष का एक प्रोजेक्ट तैयार किया है। जिसके तहत गांव के लोगों को “पौधा रक्षक” के रूप में खुद को रजिस्टर्ड कराना होगा और इन लोगों को सड़क किनारे या सरकारी जमीन पर कम से कम 200 पौधें लगाने होंगे। इन पौधों की सिंचाई, गुड़ाई का ख्याल भी इन पौधा रक्षकों को 5 वर्ष तक करना होगा। इस कार्य के लिए मध्य प्रदेश सरकार इन पौधा रक्षकों को तनख्वा भी देगी।

आपको हम बता दें कि अभी तक 300 से ज्यादा लोगों ने खुद को पौधा रक्षकों के रूप में रजिस्टर्ड करा लिया है। इस योजना का एक सबसे बड़ा फायदा पौधा रक्षकों को यह भी मिलेगा कि 5 वर्ष बाद में पौधे के काटने या उसके फल को तोड़ने के समय सरकार इन सभी चीजों का 50 प्रतिशत लाभ पौधा रक्षक को सीधे तौर पर देगी।

मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए 3,35,000 रूपए खर्च करने की नीति बनाई है और सरकार इस पैसे को किस्तों में खर्च करेगी। आपको हम बता दें कि इस योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में से 2 लोगों को पौधा रक्षक के रूप में चुना जाएगा। इन 2 लोगों को अपनी ग्राम पंचायत में 200 पौधें लगाने होंगे।

इन दोनों लोगों के पास में अपनी साईकिल, मनरेगा कार्ड तथा सिचाई के डिब्बे होने चाहिए। इस योजना की एक शर्त यह भी है कि लगाए गए पौधों में से करीब 80 प्रतिशत पौधें जीवित अवस्था में हों। इस प्रकार से पौधें लगाकर गांव के लोग अपने गांव को प्रदूषण मुक्त तो बनाएंगे ही साथ ही गांव की हरियाली भी बढ़ेगी और पौधा रक्षको को रोजगार भी मिलेगा।