भोपाल। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की सुरक्षा में चूक का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे पर निरीक्षण के बाद गुजर रहे केंद्रीय मंत्री के हाई-स्पीड काफिले के सामने अचानक तीन ग्रामीण युवक आ गए। गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया और काफिले में शामिल वाहन सूझबूझ दिखाते हुए युवकों के बगल वाली लेन से सुरक्षित निकल गए।
यह पूरी घटना रतलाम जिले के शिवगढ़ ब्रिज के पास की है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि एक्सप्रेस-वे के बीचों-बीच खड़े तीन युवक हाथ हिलाकर तेज रफ्तार गाड़ियों को रुकने का इशारा कर रहे हैं। जिस वक्त यह वाकया हुआ, उस समय केंद्रीय मंत्री के काफिले की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिससे कुछ पलों के लिए वहां हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पुलिस ने तफ्तीश की, तो युवकों की पहचान निमकोपाड़ा पलसोड़ी गांव के रहने वाले शांतिलाल (32), नंदलाल भाभर (30) और दिनेश भाभर (30) के रूप में हुई। पूछताछ में युवकों ने बताया कि उनका मंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाने का कोई इरादा नहीं था। दरअसल, एक्सप्रेस-वे के दूसरी तरफ उनके बच्चों का स्कूल है और वे रोजाना की तरह अपने बच्चों को सड़क पार कराकर स्कूल छोड़ने जा रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि इस वीआईपी रूट से केंद्रीय मंत्री का काफिला गुजरने वाला है।
रतलाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि काफिले के सामने आए स्थानीय ग्रामीणों से गहन पूछताछ की गई है। सड़क के दूसरी तरफ स्कूल होने के कारण बच्चे और उनके अभिभावक अक्सर वहां से गुजरते हैं। घटना के वक्त भी वे सामान्य रूप से सड़क पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी मंत्री का काफिला वहां आ पहुंचा। फिलहाल पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था के तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच में जुटा है।
