नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के एवज में ₹5 करोड़ लेने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इन आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए विराट कोहली के आधिकारिक प्रवक्ता ने बयान जारी कर इसे पूरी तरह मनगढ़ंत, झूठा और तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया है।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि विराट कोहली किसी व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपनी गहरी व्यक्तिगत आस्था और पूज्य प्रेमानंद महाराज के प्रति अगाध श्रद्धा के चलते आश्रम जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे निराधार दावों को प्रसारित करने से पहले तथ्यों की सत्यता जांचें और जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करें।
दरअसल, यह विवाद ‘फलाहारी महाराज’ के नाम से चर्चित दिनेश शर्मा के एक बयान के बाद शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जनवरी 2023 में विराट कोहली की प्रेमानंद महाराज से पहली मुलाकात एक प्रायोजित कार्यक्रम का हिस्सा थी, जिसके लिए राजस्थान की एक निजी कंपनी और प्रॉपर्टी बिल्डर लॉबी ने महाराज की लोकप्रियता बढ़ाने के मकसद से कथित तौर पर ₹5 करोड़ खर्च किए थे।
गौरतलब है कि विराट कोहली और उनकी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा लंबे समय से प्रेमानंद महाराज के सत्संग और दर्शन के लिए वृंदावन जाते रहे हैं। एकांतिक वार्तालाप के दौरान दोनों की महाराज के साथ आध्यात्मिक चर्चाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर पहले भी काफी सराहे जा चुके हैं।
