वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी वाराणसी का आसमान आज भारतीय वायु सेना के अदम्य पराक्रम, अत्याधुनिक तकनीक और भविष्य के युद्धक कौशल का नया केंद्र बन गया है। भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में नमो घाट पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से शिरकत करेंगे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वायु सेना प्रमुख और तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। यह भव्य आयोजन दोपहर 11:40 बजे आरंभ होगा, जिसमें प्रधानमंत्री करीब एक बजे शामिल होकर देश की इस अभूतपूर्व हवाई शक्ति का अवलोकन करेंगे।
यह प्रदर्शन मात्र एक पारंपरिक फ्लाईपास्ट नहीं, बल्कि वास्तविक युद्धक्षेत्र की परिस्थितियों और तीनों सेनाओं के सटीक तालमेल का सजीव सिमुलेशन है। देश के 12 प्रमुख एयरबेसों से संचालित लगभग 100 लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और परिवहन बेड़े इस संयुक्त सैन्य शक्ति का परिचय दे रहे हैं। इस पूरे एयर शो का मुख्य आकर्षण छह प्रमुख लड़ाकू विमानों सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 द्वारा एक साथ बनाई जाने वाली ऐतिहासिक ‘एरोहेड फॉर्मेशन’ है, जो गति, संतुलन और पायलटों की उच्च तकनीकी दक्षता का बेजोड़ प्रमाण है।
गंगा के ऊपर मालवीय पुल के समानांतर दो जगुआर विमानों के तीव्र हमले और उन्हें रोकने के लिए सुखोई-30 एमकेआई के त्वरित इंटरसेप्शन का मॉक डॉगफाइट अभ्यास दर्शकों को आधुनिक हवाई युद्ध रणनीति से रूबरू कराएगा। इस दौरान एक सुखोई-30 एमकेआई जहां दर्शक दीर्घा के सामने रोमांचक वर्टिकल मैन्यूवर पेश करेगा, वहीं दूसरा सुखोई 8,000 फीट की ऊंचाई से इन्फ्रारेड इमेजिंग पॉड के जरिए पूरे घटनाक्रम को डिजिटल रूप से दर्ज करेगा। साथ ही, चेन्नई के अरक्कोनम से उड़ान भरकर ग्वालियर के आकाश में मिराज-2000 के साथ संयुक्त तालमेल स्थापित करने वाला नौसेना का P-8I टोही विमान सेनाओं के बीच गहरे रणनीतिक समन्वय को रेखांकित करेगा।
आसमान में हैरतअंगेज करतबों के इस सिलसिले का समापन वायु सेना की विख्यात ‘सूर्य किरण’ एरोबैटिक टीम और ‘सारंग’ हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के रोमांचक प्रदर्शन के साथ होगा, जो गंगा के तट से पूरे विश्व को भारत की बढ़ती सामरिक आत्मनिर्भरता और अटूट सुरक्षा संकल्प का संदेश देगा।
