एंटरटेनमेंट डेस्क। दक्षिण भारतीय सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री और निर्माता निहारिका कोनिडेला ने अपने फिल्मी सफर में एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसने उन्हें देश की सबसे कम उम्र की सफल महिला निर्माताओं की फेहरिस्त में खड़ा कर दिया है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उनकी पहली होम प्रोडक्शन फिल्म ‘कमेटी कुर्रोल्लु’ ने सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फीचर फिल्म का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया है। पिंक एलिफेंट पिक्चर्स और श्री राधा दामोदर स्टूडियोज के बैनर तले बनी इस फिल्म की इस बड़ी जीत ने यह साबित कर दिया है कि बेहतरीन सिनेमा को किसी पहचान की जरूरत नहीं होती।
यदु वामसी के निर्देशन में तराशी गई यह फिल्म ग्रामीण परिवेश पर आधारित एक बेहतरीन ‘कमिंग-ऑफ-एज’ ड्रामा है। अपनी सशक्त कहानी, कलाकारों के जीवंत अभिनय और ग्रामीण जीवन के बेहद सच्चे फिल्मांकन के चलते इस फिल्म ने पहले ही समीक्षकों और दर्शकों का दिल जीत लिया था। अब राष्ट्रीय पुरस्कार की मुहर ने इसकी सफलता को अमर बना दिया है। फिल्म की यह जीत सिर्फ अभिनय या निर्देशन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके तकनीकी पक्ष को भी सराहा गया है, जिसके तहत फिल्म के मेकअप आर्टिस्ट पी. रवि कुमार को सर्वश्रेष्ठ मेकअप के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है।
इस ऐतिहासिक कामयाबी पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए निर्माता निहारिका कोनिडेला ने कहा कि पहली ही फिल्म के लिए राष्ट्रीय सम्मान पाना उनके लिए गर्व और बेहद भावुक कर देने वाला पल है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने ‘कमेटी कुर्रोल्लु’ की शुरुआत की थी, तब उनका मकसद सिर्फ अपनी मिट्टी से जुड़ी एक सच्ची और ईमानदार कहानी को पर्दे पर लाना था। निहारिका ने इस श्रेय को अपनी पूरी टीम और दर्शकों के भरोसे को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में भी इसी तरह की सार्थक कहानियों को चुनने और नए हुनरमंद कलाकारों को आगे लाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
