नई दिल्ली। नए महीने की शुरुआत के साथ ही आम जनता के घरेलू बजट, बैंकिंग लेनदेन और त्योहारी खरीदारी पर सीधा असर डालने वाले छह प्रमुख वित्तीय और व्यावसायिक बदलाव लागू हो गए हैं। पहली तारीख से प्रभावी हुए इन संशोधनों में कमर्शियल गैस, फिक्स्ड डिपॉजिट, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, कमर्शियल वाहन, एटीएम शुल्क और रसोई गैस सब्सिडी से जुड़े नियम शामिल हैं।
तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की दरों में वृद्धि की है, जिसके चलते दिल्ली में इसका भाव ₹62.50 बढ़कर ₹2,810 प्रति सिलेंडर हो गया है। इस बढ़ोतरी से होटल, रेस्टोरेंट और खानपान से जुड़े कारोबारियों की संचालन लागत बढ़ेगी, हालांकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम स्थिर रखे गए हैं।
बैंकिंग क्षेत्र में भारतीय रिज़र्व बैंक के नए निर्देशों के अनुसार बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की सीमा और उससे जुड़ी ब्याज गणना के नियमों में संशोधन प्रभावी हुआ है, जिसका सीधा प्रभाव बड़े संस्थागत और व्यक्तिगत निवेशकों के रिटर्न पर दिखाई देगा। इसके अतिरिक्त, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों के लिए निर्धारित मुफ्त मासिक सीमा समाप्त होने के बाद एटीएम से नकद निकासी और गैर-वित्तीय लेनदेन पर संशोधित सेवा शुल्क लागू किया गया है।
त्योहारी सीजन के ठीक पहले इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी महंगाई ने दस्तक दी है। इनपुट लागत और सीमा शुल्क में वृद्धि के कारण कंपनियों ने टीवी और एसी जैसे उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसमें एलजी के एयर कंडीशनर की कीमतों में 5 से 7 प्रतिशत तक की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
परिवहन क्षेत्र में टाटा मोटर्स ने अपने सभी कमर्शियल वाहनों के दामों में 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू कर दी है, जिससे लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत प्रभावित हो सकती है। वहीं, रसोई गैस सब्सिडी पाने वाले लाभार्थियों के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है; सत्यापन प्रक्रिया पूरी न होने की स्थिति में ग्राहकों के बैंक खातों में आने वाली सब्सिडी राशि रोकी जा सकती है।
