नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर सक्रिय हुए एक नए लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव के क्षेत्र) ने देश भर में मानसून को एक बार फिर प्रचंड रफ्तार दे दी है। मौसम विभाग (IMD) ने इस मौसमी बदलाव के चलते छत्तीसगढ़ और दिल्ली-यूपी सहित देश के 22 राज्यों में हल्की से लेकर अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। अगले दो दिनों के भीतर यह सिस्टम और अधिक शक्तिशाली होकर उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों की तरफ आगे बढ़ेगा, जिससे आगामी सात दिनों तक पूर्वी, पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक रहने वाला है। इस दौरान 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली का खतरा भी मंडरा रहा है।
इस मानसूनी सिस्टम का व्यापक असर मध्य भारत पर देखने को मिलेगा, जिसके तहत छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने की आशंका है। विशेषकर छत्तीसगढ़ में कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से आने वाले दिनों में भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। वहीं दूसरी ओर, देश की राजधानी दिल्ली में फिलहाल मौसम का मिलाजुला रुख रहेगा, जहां आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने के बावजूद उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल करेगी। दिल्ली में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने यहां ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी मौसम विभाग ने कड़े सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 से 21 जुलाई के बीच अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 से 18 जुलाई तक छिटपुट और 19 से 21 जुलाई के दौरान 40-60 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर चलेगा। पड़ोसी राज्य बिहार में 16 से 20 जुलाई तक अधिकांश जिलों में झमाझम पानी गिरेगा, जिसमें 18 से 20 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर भारी वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही झारखंड में भी 18 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए 21 जुलाई तक पूरे राज्य को मानसूनी बादलों द्वारा सराबोर करने का अनुमान जताया गया है।
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो देवभूमि उत्तराखंड में 16 से 21 जुलाई के बीच व्यापक मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी, जहां 20 और 21 जुलाई को भारी तबाही वाली बारिश का अलर्ट है। पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी 18 जुलाई से वर्षा का दायरा तेजी से फैलेगा और यहां भी 20-21 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उधर, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 19 से 21 जुलाई के बीच तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग की इस चेतावनी सूची में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, सिक्किम, असम, मेघालय और नागालैंड समेत कुल 22 राज्य शामिल हैं।
