
अम्बिकापुर
आज 3 दिसम्बर अंतर्राष्ट्रीय विश्व विकलांग दिवस पर नगर में सभा किया गया । जिसमें समस्या को लेकर 15 सूत्रीय ज्ञापन पत्र कलेक्टर को प्रषित किया है। छत्तीसगढ़ विकलांग मंच विकलांगों का एक स्वतंत्र मंच संगठन है , जो राज्य व जिलों में निरन्तर अपने अधिकारों के लिए पिछले आठ वर्षाे से संघर्ष करते आ रहा है।राज्य केे 15 जिलों में जिला , विकासखंण्ड़ व ग्राम पंचायत स्तर पर छत्तीसगढ़ विकलांग मंच सक्रिय रूप से संगठित होकर कार्य कर रहे है । निःशक्त व्यक्ति अधिनियम 1995 के प्रावधान के तहत राज्रू , जिला विकासखण्ड़ व ग्राम पंचायत स्तर पर निःशक्तजनों को शासन के विभिन्न योजनाओं व सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसे लेकर आज सभी विकलांग जिला स्तरीय एक दिवसीय विकलांग सभा का आयोजन किया गया ।
इसी तत्वाधान में जिला सरगुजा कलेक्टर को अवगत कराते हुए मांग किया गया कि सरगुजा संभाग में जिला मेडिकल बोर्ड से निःशुल्क प्रमाण पत्र समस्त विकलांगों को प्रमाण पत्र बनाया जाये , यदि शिविर लगाकर बनाया जाता है तो शिविर स्थल पर तत्काल बनाकर वितरित किया जाये ।और सरगुजा संभाग में जिला मेडिकल बोर्ड में मानसिक व मूख बधिर का विशेषज्ञ रोग डाक्टर की व्यवस्था किया
छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा दी जाने वाले विकलांग विवाह प्रोत्साहन राशि 21000 रूपये से बढ़ाकर 51000 रूपये दिया जाये और दस्तावेेजीकरण को सरल किया जाये ।ऐसे विकलांग जो शासन के कर्मचारी है जिन्हें 300 से 500 रूपये प्रतिमाह के दर से वाहन भत्ता स्वीकृति प्रदान की गयी थी ।राज्य शासन के द्वारा वर्तमान भत्ते की दरों में 5 फरवरी से 50 प्रतिशत की वृद्धि हेतु स्वीकृति प्रदान किया गया है । इसके बावजूद शासकीय कर्मचारी को इसका लाभ पूरा – पूरा नहीं मिल पा रहा है। इसका लाभ अभियान चलाकर दिया जाये । निःशक्तजन आयुक्त का चुनाव किया जाये तथा निःशक्त व्यक्ति को बनाया जाये और इसकी हेड कार्यालय दुर्ग जिलें में है इसे हटाकर रायपुर राजधानी में स्थापित किया जाये जहां सर्व सुविधा युक्त हो ।छत्तीसगढ़ राज्य परिवहन विभाग के द्वारा सरगुजा संभाग में चलने वाले सिटी बस में विकलांगों के लिए 1- 2 सिट आरक्षित नहीं किया गया है । जिसके कारण विकलांगांें को खड़ा होकर यात्रा करना पड रहा है। जिस प्रकार महिलाएं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षित किया गया है उसी प्रकार विकलांगांें के लिए 6 प्रतिशत आरक्षित किया जाये और बस में चस्पा किया जाये ।सरगुजा संभाग के अंदर जितने सरकारी शिक्षा भवन , सरकारी कार्यालय और शासन से मान्यता प्राप्त संस्थाएं और मनोरंजन स्थल पर कैम्प व्यवस्था की जाये ताकि समस्त प्रकार के विकलांगों व गर्भवती महिलाएं को अव्यवस्था न हो ।