बलरामपुर..(कृष्णमोहन कुमार)..जिला मुख्यालय के संयुक्त कार्यालय भवन के बाहर बना सामुदायिक शौचालय शो पीस बनकर रह गया है..3 लाख 23 हजार की लगत से बने सामुदायिक शौचालय को उपयोग में लाने के पीछे भी स्वच्छ भारत मिशन का एक अलग ही तर्क है..जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिये महिला स्व सहायता समूह को लगाया जाएगा..लेकिन विडंबना देखिए की स्वच्छ भारत मिशन को अबतक एक समूह तक नहीं मिला!.

बता दे की संयुक्त जिला कार्यालय भवन में जिले के विभिन्न विभाग संचालित होते है.. जहां रोजाना महिला और पुरुष अपने -अपने कामकाज के सिलसिले में पहुंचते है..लेकिन प्रसाधन के संसाधन के अभाव में लोग इधर -उधर भटकते दिख जाया करते है..और लोगो की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2023 -24 में संयुक्त जिला कार्यालय भवन के पास सामुदायिक शौचालय निर्माण की स्वीकृति दी गई थी..सामुदायिक शौचालय का निर्माण शुरू भी हुआ ..और 7 जनवरी 2026 को सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूर्ण हो गया ..लेकिन अधिकारियों के ढुलमुल रवैय्ये ने शौचालय को शो पीस बनाकर रख दिया है..और लोगो की समस्या जस की तस बनी हुई है!.

इधर स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारियों का कहना है कि शौचालय की देखरेख के लिये महिला स्व सहायता समूह को काम दिया जाना है..जिसके बाद शौचालय उपयोग में लाया जाएगा..लेकिन विडंबना तो देखिए की एक शौचालय को बनाने में 2 से 3 तीन साल लग गये..और जब शौचालय बन गया तो अब उसे उपयोग में लाने किस मुहूर्त का इंतजार जिम्मेदार कर रहे है यह समझ से परे है..और ताजुब्ब की बात तो यह है कि जो राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को सशक्त बनाने का दावा करती है..वह आजीविका मिशन स्वच्छ भारत मिशन के लिये एक महिला समूह का चयन एक महीनेभर से नहीं कर पा रही है!.
फिलहाल सामुदायिक शौचालय को उपयोग में लाने स्थानीय प्रशासन हरकत में आना होगा ..ताकि सामुदायिक शौचालय का लाभ दूर दराज से पहुंचने वाले लोगों को मिल सके!.
