रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा दिया है। उफनती नदियां, जलमग्न बस्तियां, ध्वस्त होती सड़कें और टूटते पुल-पुलियों के बीच आम जनजीवन पूरी तरह बेपटरी हो गया है। नदी-नालों के तेज बहाव के कारण दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट चुका है। संकट की इस घड़ी में गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र से एक राहत भरी खबर आई, जहां बगनई नदी के उफान के बीच पुल निर्माण में लगे 14 मजदूर पूरी रात पेड़ पर जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे; जिन्हें सुबह रेस्क्यू टीम ने सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, प्रदेश के अन्य हिस्सों में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
बारिश के इस तांडव ने सरकारी दावों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की भी पोल खोलकर रख दी है। राजधानी रायपुर का फाफाडीह अंडरब्रिज पूरी तरह समंदर में तब्दील हो चुका है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है, तो वहीं रायपुर रेलवे स्टेशन की छत से पानी टपकने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बदहाली का आलम यह है कि राजनांदगांव में रेलवे ओवरब्रिज की सड़क बीच से धंस गई और जिला अस्पताल के भीतर मरीजों के बेड तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति ठप है, और सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें जलमग्न हो चुकी हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में राजिम में सर्वाधिक 19 सेंटीमीटर और दुर्ग में 18 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा रायपुर, राजनांदगांव और पाटन में 15-15 सेंटीमीटर, जबकि गोबरा नवापारा और माना में 14-14 सेंटीमीटर भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इस लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के तमाम बांध और जलाशय लबालब होकर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहे हैं। मौसम विज्ञानियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सूबे के लोगों को 8 जुलाई से पहले इस आफत से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है।
आगामी संकट को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसमें कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बालोद और कांकेर जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं बलरामपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, कोरबा, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों को ‘येलो अलर्ट’ पर रखा गया है। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य प्रशासन ने नागरिकों से बेहद सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों व नदी-नालों से दूर रहने और बिना किसी आपात काम के यात्रा न करने की सख्त अपील की है।
